अब खुलेआम बिक नहीं पाएगा अवैध गर्भपात का सामान, जेल जाने की भी आ सकती है नौबत…
बेटियों के भलाई में हरियाणा गवर्नमेंट ने एक जरूरी और ठोस पहल की है. गवर्नमेंट में लिंगानुपात में गिरावट को देखते हुए गवर्नमेंट ने अब निर्णय किया है कि गैरकानूनी रूप से गर्भपात की गोली (एमटीपी किट) बेचने वाले पर पुलिस सीधे कार्रवाई करेगी. गवर्नमेंट इस क्राइम को “संज्ञेय अपराध” मानेगी. अब पुलिस को बिना वारंट के ऐसे लोगों को कारावास भेजने की अनुमति होगी और कम से कम तीन वर्ष की सजा होगी.<!–
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अभी तक की प्रबंध में एमटीपी किट बेचना तब तक क्राइम नहीं माना जाता था, जब तक कि सबूत न मिले कि इसका इस्तेमाल गर्भपात के लिए किया जा रहा है. इस कमजोरी को देखते हुए कई दुकानदार खुलेआम यह दवा बेच रहे थे. ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में भी एमटीपी किट की गैरकानूनी बिक्री पर कठोर सजा का कोई सीधा उल्लेख नहीं था – सिर्फ़ हल्की जुर्माना या छोटी सजा दी जाती थी.
हाल ही में फर्जी ग्राहक बनाकर छापेमारी की गई, कई मामलों में लोग पकड़े भी गए, लेकिन ढीले कानून के कारण वे शीघ्र ही छूट गए. गवर्नमेंट अब इस उदार प्रबंध को समाप्त करने की प्रयास कर रही है और अपराधियों को सरलता से बच निकलने से रोकने के लिए एक बड़ा कानूनी संशोधन पारित कर रही है.
यह निर्णय न सिर्फ़ कानून से जुड़ा है, बल्कि बेटियों की भविष्य की सुरक्षा से भी जुड़ा है. इस परिवर्तन को लागू करना हरियाणा में लिंगानुपात को बढ़ाने में एक जरूरी मोड़ साबित हो सकता है.
सरकार के इस कदम से न सिर्फ़ सख्त दंड का रास्ता खुलेगा, बल्कि समाज को यह साफ संकेत भी जाएगा कि अब बेटियों के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं होगा.

