राष्ट्रीय
अब खुलेगी दुश्मन देश की पोल, विभिन्न देशों में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगा भारत
कूटनीतिक कदम उठाते हुए, विभिन्न सियासी दलों के भारतीय सांसदों (एमपी) का एक प्रतिनिधिमंडल 22 मई के बाद अंतर्राष्ट्रीय आउटरीच दौरे पर जाने वाला है. इसका उद्देश्य पाक के साथ हाल ही में हुए संघर्ष के बारे में वैश्विक नेताओं को जानकारी देना और हिंदुस्तान के रणनीतिक रुख के बारे में जानकारी प्रदान करना है. इस दौरे में संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, कतर और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई राष्ट्रों का दौरा किया जाएगा.
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एकीकृत सियासी प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए, हिंदुस्तान गवर्नमेंट ने सुरक्षा स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई. विपक्षी दलों ने पाक के उकसावे के विरुद्ध गवर्नमेंट के रुख को अपना समर्थन दिया. सैन्य तरीकों के साथ-साथ, हिंदुस्तान ने पाक के विरुद्ध कई कूटनीतिक कार्रवाइयां लागू की हैं, जिनमें वीजा रद्द करना और सिंधु जल संधि को निलंबित करना शामिल है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू इस अंतर्राष्ट्रीय दौरे के समन्वय का नेतृत्व कर रहे हैं. सांसदों को निमंत्रण भेजे गए हैं, और प्रतिनिधिमंडल में 5-6 सदस्य शामिल होंगे, जिनमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के वरिष्ठ सांसद शामिल होंगे. इन प्रतिनिधिमंडलों को हिंदुस्तान की स्थिति और कार्यों को साफ करने का काम सौंपा गया है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय समर्थन प्राप्त हो सके.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बोला कि राष्ट्रीय भलाई को सर्वोपरि रखते हुए कांग्रेस पार्टी निश्चित रूप से बहुदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होगी. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष से बात की है, जो पार्टी नेताओं को प्रतिनिधिमंडल में शामिल करेंगे. यह योजनाबद्ध संपर्क हिंदुस्तान द्वारा विदेशी सरकारों से समर्थन प्राप्त करने के लिए किए जा रहे गहन कूटनीतिक प्रयासों के मद्देनजर किया गया है. इसमें पाक की कार्रवाइयों के विरुद्ध वैश्विक समर्थन जुटाने के उद्देश्य से शीर्ष ऑफिसरों और विदेश मंत्रियों के साथ वार्ता शामिल है.
22 अप्रैल को पहलगाम में पाक स्थित आतंकियों द्वारा किए गए आतंकी हमले के बाद संघर्ष नाटकीय रूप से बढ़ गया, जिसके बाद हिंदुस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ प्रारम्भ किया. इस ऑपरेशन में पाक और पाक के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया. इसके बाद तनाव बढ़ने पर पाक ने भारतीय शहरों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले करने की प्रयास की. 10 मई को तनाव कम करने के समझौते पर पहुंचने तक चार दिनों तक तनाव बना रहा.