कश्मीर मॉडल से अब जम्मू में होगा दहशतगर्दों का सफाया
Indian Army Strategy on Terrorism: जम्मू में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए पूरी प्लानिंग कर ली गई है। दहशतगर्दों के नापाक मंसूबों को नाकामयाब करने के लिए सुरक्षाबलों को अब अंतिम आदेश का प्रतीक्षा है। शनिवार को जम्मू और कश्मीर में सेना, CRPF, BSF, खुफिया विभाग और पुलिस की हाईलेवल बैठक हुई। बताया जा रहा है कि इसमें जम्मू में बढ़ते आंतकवाद को कुचलने पर चर्चा की गई।

आतंकवाद को रोकने के लिए बनी रणनीति
वहीं जम्मू और कश्मीर के उप गवर्नर ने साफ किया कि जम्मू में आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कश्मीर मॉडल अपनाते हुए दहशगर्दों का सफाया होगा। ऐसे में प्रश्न है कि आखिर जम्मू में ऐसा क्या किया जा सकता है। जिससे आतंकी घटनाओं को रोका जा सके। बताया जा रहा है कि जम्मू में सुरक्षा एजेंसियां सिक्युरिटी, इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करेंगी। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पिन पॉइंट और बड़े ऑपरेशन किए जा सकते हैं।
घने जंगलों में बने आतंकवादी रूटों को समाप्त किया जा सकता है। आतंकवादियों को पाक रेंजर्स के साथ ओवर ग्राउंड वर्कर की सहायता मिल रही है। इसी वजह से ओवर ग्राउंड वर्कर्स के नेक्सस को कमजोर करना महत्वपूर्ण है। जम्मू रीजन में 13 छोटे छोटे नाले और 3 नदियां हैं।।जिसकी सहायता से घुसपैठ की जाती है। अब इन इलाकों में गश्ती बढ़ाने की तैयारी है। वहीं आतंकवादियों के मददगारों की लिस्ट बनाई जा रही है, जिनके विरुद्ध एक्शन लिया जा सकता है।
500 पैरा कमांडोज की हुई तैनाती
तमाम सुरक्षा एजेंसियां अब अपने अपने काम में जुट गई है। वहीं आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए 500 पैरा SF कमांडोज़ की भी जम्मू में तैनाती की गई है। चौकसी के लिए इंडियन आर्मी और सीमा सुरक्षा बल दोनों को सीमा पर साथ डिप्लॉय किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ना सिर्फ़ आतंकवादी घटनाओं पर लगाम लगेगी बल्कि श्रीनगर की तरह जम्मू में भी आतंकवादियों के पूरे नेटवर्क का सफाया किया जाएगा।
निशाने पर आतंकवादियों का गेट-वे!
पहला- केरन सेक्टर
यहां के जंगल के इलाकों के जरिए घुसपैठ की प्रयास की जाती है। इस क्षेत्र में सरहद पार आतंकवादी के लॉन्च पैड भी हो सकते हैं। वहां से ISI और पाक रेंजर्स आतंकवादियों को हिंदुस्तान की सीमा में दाखिल कराते हैं।
दूसरा- नौगाम सेक्टर
जानकारी के अनुसार आतंकवादी काइयान और टुटकार जंगल को हिंदुस्तान में घुसपैठ के लिए इस्तेमाल करते हैं।
तीसरा- बिम्बर गली
बिम्बर गली गली को BG सेक्टर के नाम से जाना जाता है। इस क्षेत्र में भी ISI और पाक आर्मी के सक्रिय लॉन्च पैड हैं।
चौथा- चोर गली
आतंकी यहां पर पाक से आने वाली चोरगली का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस क्षेत्र से भी आतंकवादियों के धुसपैठ की आसार है क्योंकि यहां के जंगल वाले क्षेत्र को हाइडआउट की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
पांचवा-कृष्णा घाटी
कृष्णा घाटी यानि KG सेक्टर में घातक आतंकी छिपे हो सकते हैं। यही नहीं, नौशेरा सेक्टर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर के आतंकवादी उपस्थित हो सकते हैं, जो हिंदुस्तान में घुसपैठ की फिराक में हैं।
अब इन सब रास्तों पर तकनीक और ह्यूमन पैट्रोलिंग करके रोक लगाने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि अपने कई सैनिकों की वीरगति से सेना काफी गुस्से में है और पाक परस्त आतंक को अब जड़ से समाप्त कर देना चाहती है। हालांकि इसके साथ ही आम नागरिकों की सुरक्षा भी जरूरी है, इसलिए सैन्य रणनीतिकार सोच- समझकर योजना बनाने में जुटे हैं।

