राष्ट्रीय

अब पहले से सुगम होगी दिल्ली से पानीपत की यात्रा

दिल्ली से पानीपत तक यात्रा अब आसान हो जाएगी. इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने पूरी तैयारी कर ली है. दिल्ली में इस नए कॉरिडोर पर काम जल्द ही तेज किया जाएगा. दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ राष्ट्र का पहला नमो हिंदुस्तान कॉरिडोर है, जिसके इस साल पूरी तरह चालू होने की आशा है. हरियाणा गवर्नमेंट ने 23 दिसंबर 2020 को दिल्ली-पानीपत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर को स्वीकृति दे दी. 103 किलोमीटर लंबा आरआरटीएस कॉरिडोर कुंडली, आरजीईसी, गन्नौर और समालखा जैसे कई स्थानों से होकर गुजरेगा.
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दिल्ली से पानीपत नमो हिंदुस्तान ट्रेन

नमो हिंदुस्तान अब दिल्ली एनसीआर में और बल पकड़ने जा रहा है. क्योंकि इस साल केंद्रीय बजट में क्षेत्रीय रेल परिवहन प्रणाली (आरआरटीएस) के लिए अच्छा बजट जारी किया गया है. दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर को इस साल जून तक प्रारम्भ करने की योजना बनाई जा रही है. इससे दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर पर काम तेज हो जाएगा. इन रेलगाड़ियों को 180 किमी प्रति घंटे की गति से चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यदि इसकी औसत गति 100 किमी प्रति घंटा भी हो, तो भी यह 1.5 घंटे से भी कम समय में 103 किमी की दूरी तय कर सकेगा. ये रेलगाड़ियां हर 10-15 मिनट के अंतराल पर चलेंगी.

17 स्टेशन बनाए जाएंगे.

दिल्ली-पानीपत आरआरटीएस कॉरिडोर पर 17 स्टेशन बनाए जाएंगे. स्टेशनों के नाम में सराय काले खां, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, बुराड़ी क्रॉसिंग, मुकर्रबा चौक, अलीपुर, कुंडली, केएमपी इंटरचेंज, आरजीईसी, मुरथल, मुरथल डिपो, बारी, गन्नौर, समालखा, पानीपत दक्षिण, पानीपत उत्तर और पानीपत डिपो शामिल हैं.

कनेक्टिविटी को प्रोत्साहित किया जाएगा

दिल्ली से पानीपत तक कॉरिडोर के निर्माण से पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इसके अलावा, यहां रोजगार, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा तक पहुंच भी आसान हो जाएगी. पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, आईआईटीएम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, अशोका यूनिवर्सिटी, भारतीय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (सोनीपत कैंपस), एम्स और पार्क हॉस्पिटल जैसे अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों की पहुंच का विस्तार किया जाएगा.

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