अब नहीं लगेगा जाम, नोएडा-फरीदाबाद के बीच बन रहे हैं 4 नए हाइवे

दिल्ली-एनसीआर की सुस्त रफ्तार को तेज करने के लिए केंद्र गवर्नमेंट का सड़क एवं परिवहन मंत्रालय, यूपी गवर्नमेंट और दिल्ली गवर्नमेंट सहित नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इण्डिया तेजी से काम में जुटे हुए हैं। जल्द ही ये नयी सड़कें लोगों को स्मूद और ट्रैफिक फ्री यात्रा का लुत्फ देंगी। आइए जानते हैं इन नए हाइवे या सड़कों के बारें में।।
इस कड़ी में पहला हाइवे है दिल्ली के धौला कुआं से मानेसर तक बनने वाला एलीवेटेड रोड। दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम की परेशानी को हल करने के लिए इस रोड का निर्माण किया जाएगा। यह योजना अगले कुछ महीने में तैयार की जाएगी।केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बीच हुई बैठक में इस पर सहमति बन चुकी है।
दिल्ली के द्वारका से वसंत कुंज तक लगने वाले ट्रैफिक जाम को देखते हुए यहां पांच किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जा रही है।महिपालपुर के शिव मूर्ति क्षेत्र (द्वारका एक्सप्रेसवे) से नेल्सन मंडेला रोड (वसंत कुंज) तक करीब पांच किलोमीटर लंबी सुरंग जमीन के अंदर बनाई जा रही है।खास बात है कि से सिग्नल फ्री सुरंग होगी और यहां वाहन रफ्तार से बातें कर सकेंगे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक इस सुरंग का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत करीब 3,500 करोड़ रुपये होगी। इसे भी केंद्रीय मंत्री गडकरी ने स्वीकृति दे दी है। इसमें कुल 6 लेन होंगी।
तीसरी सड़क है पुश्ता रोड को नेशनल हाइवे से जोड़ने वाला रोड। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए यमुना तटबंध सड़क (पुश्ता रोड) को राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ (एनएच-नौ) से जोड़ा जा रहा है।नोएडा अथॉरिटी और यूपी सिंचाई विभाग से पुश्ता रोड की एनओसी मिलने के बाद एनएचएआई परियोजना पर काम प्रारम्भ कर सकता है।
इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।यह रोड नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के समानांतर यमुना तटबंध के रास्ते आठ लेन का ऑनग्राउंड नया एक्सप्रेसवे या छह लेने का एलिवेटेड रोड बन सकता है। इसके पूरा होने से सीधे-सीधे 10 लाख लोगों को बड़ा लाभ मिलने जा रहा है।
चौथा और अहम मेगा हाइवे है अर्बन एक्सटेंशन-2 जिसका उद्धाटन हाल ही में पीएम मोदी ने किया है। इसे दिल्ली का तीसरा रिंग रोड भी कहा जा रहा है। जो दिल्ली-गुड़गांव, नोएडा के बीच में जबर्दस्त रफ्तार देगा। 75 किलोमीटर लंबा 6 लेन का यह हाइवे दिल्ली-एनसीआर में यात्रा के समय को बहुत कम कर देगा। यहां तक कि यह पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के लिए कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। आने वाले कुछ वर्षों में दिल्ली एनसीआर की पूरी तस्वीर बदलने वाली है।

