अब्दुर रहीम बख्शी के बयान पर दिलीप घोष ने जताया आक्रोश, FIR दर्ज करने की रखी मांग

भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा, “टीएमसी में आजकल इस तरह के लोग बहुत बढ़ गए हैं, जिनमें असामाजिक प्रवृत्तियां हैं. जिन्हें कारावास में होना चाहिए, वे अब विधायक बनकर विधानसभा में बैठ रहे हैं. ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए, उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज होनी चाहिए. यदि हमारा कोई नेता इस ढंग का बयान देता तो उन पर कार्रवाई हो जाती.”
दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल गवर्नमेंट पर तंज कसते हुए कहा, “यह गवर्नमेंट न तो परीक्षाएं आयोजित करती है और न ही रोजगार देती है. हाल ही में जो परीक्षा संपन्न हुई है, वह भी न्यायालय के आदेश पर हुई है. मेरा मानना है कि जिन्होंने मेहनत से परीक्षा पास कर जॉब हासिल की, उन्हें बार-बार परखने की आवश्यकता नहीं. लेकिन बिना परीक्षा के जॉब पाने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए.”
बता दें कि तृण मूल काँग्रेस नेता अब्दुर रहीम बख्शी ने बीजेपी विधायक शंकर घोष पर निशाना साधते हुए मुंह में तेजाब डालने की धमकी दी थी. तृण मूल काँग्रेस नेता शंकर घोष के पुराने बयान से खफा दिखे थे, जिसमें उन्होंने बंगाल के 30 लाख प्रवासी श्रमिकों के रोहिंग्या या बांग्लादेशी होने का दावा किया था. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अब्दुर रहीम बख्शी के बयान पर प्रश्न उठाए.
उन्होंने बोला था कि ममता बनर्जी गवर्नमेंट को जनसमर्थन नहीं मिल रहा है, इसलिए वह बीजेपी के एमएलए को डराने धमकाने का कोशिश कर रही हैं. बंगाल की जनता की आवाज बीजेपी सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी. वह स्वयं जानती हैं कि बंगाल की जनता तृणमूल कांग्रेस पार्टी के साथ नहीं, बीजेपी के साथ खड़ी है.

