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ऑपरेशन साइबर संग्राम का बड़ा झटका, पुलिस ने किया 20 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा

साइबर अपराधों के विरुद्ध चल रहे ‘ऑपरेशन साइबर संग्राम’ के अनुसार अलवर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने लगभग 20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले रैकेट के मुखिया बरकत अली पुत्र मोहम्मद इशाक निवासी गोपालगढ़ हाल वैशाली नगर अलवर को अरैस्ट कर लिया है. यह रैकेट म्यूल एकाउंट का इस्तेमाल करके कमीशन पर ठगी को अंजाम देता था.
01 09 2025 arrested 24032679 m
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पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने कहा कि यह कार्रवाई सहायक पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ प्रियंका, सीओ उत्तर शहर अंगद शर्मा के मार्गदर्शन में हुई. पुलिस को साइबर फर्जीवाड़ा में इस्तेमाल हो रहे एक संदिग्ध खाते की जानकारी मिली, जिसके बाद जांच में पता चला कि खाताधारक बरकत अली के पास भिन्न-भिन्न पतों पर कई आईडी प्रूफ हैं.
वैशाली नगर एसएचओ गुरुदत्त सैनी की टीम ने बरकत अली को डिटेन किया. पूछताछ के बाद उसके किराए के मकान से 17 चेकबुक, 14 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, विभिन्न लोगों के हस्ताक्षर वाले चेक, 3 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड, 2 स्वाइप मशीन और 2 क्यूआर कोड स्कैनर मिले हैं.
पूरे राष्ट्र में फैला था जाल
जांच में यह भी पता चला है कि बरकत अली के बैंक खातों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में करीब 32 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कुल 19 करोड़ 2 लाख 45 हजार 460 रुपये की फर्जीवाड़ा हुई है. बरकत अली एक संगठित रैकेट चलाता था, जो साइबर ठगों को बैंक खाते मौजूद कराता था और कमीशन पर ठगी गई धनराशि निकालता था.
पुलिस अब इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है. इस कार्रवाई में थाना वैशाली नगर से एएसआई सुनील, कांस्टेबल अरशद, शेखर और मानवेंद्र और साइक्लोन सेल से हेड कांस्टेबल संदीप, अमित, करण और संजय शामिल थे

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