राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस में हिस्सा लेते हुए औवेसी ने कहा…

एआईएमआईएम नेता और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गवर्नमेंट को चेतावनी दी है कि वक्फ संशोधन विधेयक को मौजूदा स्वरूप में लागू करने से सामाजिक अस्थिरता पैदा हो सकती है. अपनी चिंताओं पर बल देते हुए, ओवैसी ने गवर्नमेंट को विधेयक पर आगे बढ़ने के प्रति आगाह किया. वक्फ संशोधन बिल को संयुक्त संसदीय समिति ने 14-11 वोटिंग से स्वीकृति दे दी है और जल्द ही इसे संसद में पेश किए जाने की आसार है.
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस में हिस्सा लेते हुए औवेसी ने बोला कि मैं इस गवर्नमेंट को सावधान कर रहा हूं और चेतावनी दे रहा हूं- यदि आप वर्तमान स्वरूप में वक्फ कानून लाते हैं और बनाते हैं, जो अनुच्छेद 25, 26 और 14 का उल्लंघन होगा, तो इससे इस राष्ट्र में सामाजिक अस्थिरता पैदा होगी. इसे पूरे मुसलमान समुदाय ने खारिज कर दिया है. कोई वक्फ संपत्ति नहीं बचेगी, कुछ नहीं बचेगा. आप हिंदुस्तान को ‘विकसित भारत’ बनाना चाहते हैं, हम ”विकसित भारत’ चाहते हैं. लेकिन यदि आप इस राष्ट्र को ’80 और 90 के दशक की आरंभ में वापस ले जाना चाहते हैं, तो यह आपकी ज़िम्मेदारी होगी.
उन्होंने आगे बोला कि हर मुस्लिम को भारतीय होने पर गर्व है और वह अपनी जमीन छीनने नहीं देगा. ओवैसी ने बोला कि क्योंकि, एक गौरवान्वित भारतीय मुसलमान के रूप में, मैं अपनी मस्जिद का एक इंच भी नहीं खोऊंगा. मैं अपनी दरगाह का एक इंच भी हिस्सा नहीं खोऊंगा. मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगा. हम अब यहां आकर कूटनीतिक वार्ता नहीं करेंगे.‘ यह वह सदन है जहां मुझे खड़े होकर ईमानदारी से कहना है कि मेरा समुदाय – हम गर्वित भारतीय हैं. यह मेरी संपत्ति है, किसी ने नहीं दी है. आप इसे मुझसे नहीं छीन सकते. वक्फ मेरे लिए इबादत का एक रूप है.

