पाकिस्तानी हरकतें शुरू! इंटरनेशनल बॉर्डर पर एक्शन मोड में आई BSF
पाकिस्तान पर्व-त्योहार के मौके पर राष्ट्र में अशांति फैलाने की फिराक में रहता है। सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं, पर इस बार दुश्मन राष्ट्र का मंसूबा सफल होने वाला नहीं है। दिवाली के पर्व से पहले अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। जम्मू और कश्मीर के अरनिया सेक्टर में बीएसएफ (BSF) ने चौकसी कड़ी कर दी है और रात के गश्त (नाइट पेट्रोलिंग) को तेज कर दिया गया है, ताकि किसी भी घुसपैठ या आतंकवादी गतिविधि की प्रयास को असफल किया जा सके।

बीएसएफ ऑफिसरों के मुताबिक, दीपावली त्योहार के दौरान भी सीमा पर तैनात जवान पूरी तरह मुस्तैद हैं और चौबीसों घंटे नज़र बनाए हुए हैं। एक सीमा सुरक्षा बल अधिकारी ने कहा, ‘हम हर तरह की सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। देशवासी बिना किसी डर के दिवाली इंकार सकते हैं। सीमा पर सीमा सुरक्षा बल तैनात है और किसी भी संभावित खतरे का मुंहतोड़ उत्तर देने के लिए तैयार है।’ जवानों ने कहा कि त्योहार के अवसर पर भले ही वे अपने परिवारों से दूर हैं, लेकिन राष्ट्र की सुरक्षा ही उनकी अहमियत है। एक जवान ने कहा, ‘हम अपने परिवारों से दूर हैं, लेकिन सीमा सुरक्षा बल ही हमारा परिवार है। हम अपने साथियों के साथ दिवाली मनाते हैं। जनता को हमारा संदेश है कि वे निश्चिंत होकर खुशियों के साथ दिवाली मनाएं। सीमा सुरक्षा बल हर खतरे से निपटने को तैयार है।’
बॉर्डर पोस्ट पर बढ़ाई चौकसी
सीमा चौकियों पर इस दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सीमा सुरक्षा बल ने बोला कि आतंकियों या तस्करों की किसी भी हरकत को रोकने के लिए सभी सेक्टरों में गश्त बढ़ा दी गई है और तकनीकी नज़र प्रणालियों को भी एक्टिव किया गया है। जम्मू में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पाक से सटी होने के कारण इस क्षेत्र में अक्सर सुरक्षा अलर्ट जारी रहता है, खासकर त्योहारों या राष्ट्रीय अवसरों पर। सीमा सुरक्षा बल ऑफिसरों ने यह भी कहा कि दिवाली के दिन सीमावर्ती गांवों में भी सुरक्षा बढ़ा दी जाएगी, ताकि क्षेत्रीय लोग निश्चिंत होकर त्योहार इंकार सकें। जवानों ने सभी देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और भरोसा दिलाया कि जब तक सीमा सुरक्षा बल सीमा पर तैनात है, राष्ट्र सुरक्षित है।
आज धनतेरस
आज यानी शनिवार 18 अक्टूबर 2025 को धनतेरस है। धनतेरस के दिन भगवान सिद्धिविनायक (गणेश जी), महालक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है। यह दिन नयी वस्तुएं खरीदने के लिए शुभ माना जाता है। इस अवसर पर धन्वंतरि देव की भी विशेष पूजा की जाती है, जिन्हें आयुर्वेद के देवता माना जाता है और जिनसे चिकित्सा विज्ञान की शिक्षा मानव कल्याण हेतु मानी जाती है। धनतेरस से ही दिवाली पर्व की आरंभ मानी जाती है। यह दिन विक्रम संवत कैलेंडर के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है, जो इस साल सोमवार को पड़ी। त्योहार की उमंग और सुरक्षा के बीच सीमा सुरक्षा बल जवानों की यह तैनाती एक बार फिर याद दिलाती है कि जब देशवासी अपने घरों में दीप जला रहे होते हैं, तब सीमाओं पर हमारे सुरक्षाकर्मी चौकसी की मशाल जलाए खड़े रहते हैं।

