भारत के राफेल पर पाकिस्तान की दावेदारी ठोंकने लगा पश्चिमी मीडिया, जानें क्या है सच्चाई…
Rafale Fighter: भारत और पाक के बीच चार दिनों की फाइट में अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का रुख काफी चौंकाने वाला था। पश्चिमी मीडिया तो पाक का प्रॉपगैंडा ही फैला रहा था। हिंदुस्तान की सेना ने आधिकारिक रूप से बयान जारी भी नहीं किया, उससे पहले ही पश्चिमी मीडिया ढिंढोरा पीटने लगता। हिंदुस्तान में लोग भी भ्रम में थे कि क्या सच में ऐसा कुछ हुआ है? सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें होने लगीं। अब पता चला है कि हिंदुस्तान के राफेल लड़ाकू विमान को लेकर तब अफवाह क्यों और कैसे उड़ाई गई थी?

वो टीस अब भी है
फ्रांस में लंबे समय तक हिंदुस्तान के राजदूत रहे जावेद अशरफ ने ‘द स्टेट्समैन’ को दिए साक्षात्कार में अंदर की बात बताई। उन्होंने साफ बोला कि बिना फैक्ट सामने आए ब्रिटिश और दूसरे पश्चिमी मीडिया चलाने लगे कि कैसे पाकिस्तानी एयरफोर्स भारतीय वायुसेना पर भारी पड़ी। उन्होंने थोड़ा भी प्रतीक्षा नहीं किया। अशरफ ने कहा, ‘याद रखिएगा ये एक नरैटिव था जो उन्होंने सामने रखा। मैंने देखा है कि कितना अधिक इस चीज ने लोगों का ध्यान खींचा।‘
फ्रांस में हिंदुस्तान के पूर्व राजदूत ने बोला कि खासतौर से अमेरिका और ब्रिटिश मीडिया ने जमकर यह नरैटिव फैलाया। उन्होंने बोला कि इसकी मुख्य वजह ‘कॉमर्शियल हित’ है। वे खासतौर से एक एयरक्राफ्ट को टारगेट कर रहे थे क्योंकि वे देख रहे हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी प्रतिस्पर्धा है। उस एयरक्राफ्ट को लेकर भिन्न-भिन्न बाजार में चर्चा है। एंबेसडर का इशारा फ्रांस से आए राफेल की तरफ था।
आगे एंबेसडर ने सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रंशसा की जिसमें स्पष्ट रूप से एक-एक चीज बताई गई कि हिंदुस्तान ने किस तरह और कितना अधिक पाक को हानि पहुंचाया है। जल्द ही साफ हो गया था कि ऑपरेशन सिंदूर से सहमा पाक केवल असत्य फैला रहा है
राफेल जेट फ्रांस की नेवी में 2004 से सेवा में हैं और 2006 में फ्रेंच एयरफोर्स में एंट्री हुई। यह आज के समय के सबसे शक्तिशाली फाइटर में से एक माना जाता है। जब हिंदुस्तान ने 36 राफेल जेट की डील की थी तब दुनिया के कई राष्ट्र अपना जेट बेचना चाहते थे। ऐसे में पश्चिमी राष्ट्रों में कहीं न कहीं वो टीस जरूर थी। हिंदुस्तान और पाक के बीच फाइट प्रारम्भ हुई तो झट से वे राफेल को लेकर अफवाह फैलाने लगे। सच्चाई यह है कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाक के एयरबेसों को बर्बाद कर दिया। हिंदुस्तान के एक्शन के उत्तर में पाक के चीन से आई मिसाइलें और जेट डब्बा साबित हुए।
आखिर में सच्चाई पता चली तो राफेल बनाने वाली कंपनी Dassault Aviation के शेयर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने लगे हैं। एंबेसडर ने आखिर में बोला कि हिंदुस्तान की इस हड़ताल ने पाक के उस भ्रम को तोड़ दिया है जिसमें वह मान बैठा था कि उसके कुछ क्षेत्र बहुत सेफ हैं। वहां हिंदुस्तान कभी कुछ नहीं करेगा।

