राष्ट्रीय

ओडिशा में तपस्विनी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी होने के बाद से गरमाया माहौल, सहम गए यात्री

ओडिशा के संबलपुर और झारसुगुड़ा के बीच शनिवार की सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई. यहां पुरी-हटिया तपस्विनी एक्सप्रेस ट्रेन पर अज्ञात लुटेरों ने पत्थरबाजी की. यह घटना उस समय हुई जब अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे. पत्थर ट्रेन के एसी कोच बी-7 की खिड़की पर लगा, जिससे खिड़की का शीशा चकनाचूर हो गया. यह घटना सुबह करीब 5:30 बजे रेंगाली और झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन के बीच हुई. पत्थर ठीक उस खिड़की पर आकर लगा जो सीट नंबर 15 के पास थी. पत्थरबाजी इतनी तेज थी कि खिड़की का कांच टूटकर अंदर बिखर गया.

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जोरदार आवाज के साथ टूटे कांच

वहीं घटना के बाद यात्री जोरदार आवाज की वजह से जाग उठे और कोच अटेंडेंट और टिकट चेकर को इसकी जानकारी दी. सीट नंबर 15 पर बैठे यात्री पर इस घटना का गहरा असर पड़ा. तपस्विनी एक्सप्रेस के बी-7 कोच के अटेंडेंट ने बताया, “सीट नंबर 15 पर बैठे यात्री इस घटना से बुरी तरह घबरा गए थे. उन्होंने मुझे बुलाकर कहा कि उन्हें एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जैसे किसी ने गोली चलाई हो. खिड़की का शीशा पूरी तरह टूट चुका था और उनके ऊपर कांच के टुकड़े गिर पड़े थे. खिड़की पर एक स्थान जोरदार भिड़न्त का निशान था, जिससे ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने गोली मारी हो”.

पत्थरबाजी के मुद्दे की जांच शुरू

हालांकि इस घटना में किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन ट्रेन में यात्रा कर रहे अन्य यात्री भी इस घटना से भय में आ गए. तुरंत कोच अटेंडेंट ने संबंधित ऑफिसरों को इसकी सूचना दी और यात्री को जरूरी सहायता और आगे की यात्रा के लिए उचित प्रबंध दी गई. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि पत्थरबाजी किसने और क्यों की. रेलवे सुरक्षा बल ने इस मुद्दे की जांच प्रारम्भ कर दी है. इर्द-गिर्द के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है. इस हादसे ने यात्रियों के बीच चिंता बढ़ा दी है. खासकर एसी कोच में यात्रा कर रहे लोगों के लिए यह घटना बहुत घातक साबित हो सकती थी.

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