पट्टा घोटाला: प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान 6500 करोड़ का हुआ घपला
यूडीएच एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने स्वयं माना कि प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान 6500 करोड़ का घपला हुआ. वह अभियान वर्तमान भाजपा गवर्नमेंट ने भी जारी रखा. इस दौरान नयी गवर्नमेंट में 9 माह में अब तक मंत्री और विभागों के पास निगम, परिषद और पा

अब तक 22 पर कार्रवाई की गई. 30 से अधिक घपलों की शिकायतों पर कार्रवाई पेंडिंग है. पिछले 1 माह में ही 9 मेयर, पालिका सभापति निलंबित किए गए या हटाए गए. 3 माह में 20 से अधिक पर गाज गिरी. मंत्री खर्रा ने विभागों को छूट दे रखी है कि करप्शन और घपलों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाए.
घोटाले बड़े हैं, जयपुर से गंगानगर तक इन पर कार्रवाई
फर्जी पट्टे देने, वित्तीय घपले और पद के दुरुपयोग जैसी गड़बडिय़ों की जांच के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने बूंदी के नैनवां पालिका सभापति, डीडवाना नगर सभापति, नगर निगम जयपुर हैरिटेज की मेयर, विराटनगर पालिका चेयरमैन, रायसिंह नगर पालिकाध्यक्ष, कैथून पालिकाध्यक्ष, नोहर नगरपालिका प्रमुख, रावतभाटा, अंता, पीलीबंगा, करौली सहित 22 निगम, पालिका प्रमुखों पर अब तक कार्रवाई की. उनको पद से हटाया या निलंबित किया गया. बीकानेर में भी पट्टा प्रकरण गूंजा. आयुक्त मेयर में लंबी लड़ाई चली.
चेयरमैन ने फर्जीवाड़ा कर पुत्रवधु के नाम जारी कर दिया पट्टा
बूंदी जिले की नैनवां नगर पालिका के चेयरमैन का फर्जीवाड़ा चर्चित हो गया. चेयरमैन ने अपनी पुत्रवधु के नाम ही फर्जीवाड़े से तथ्यों में हेराफेरी कर पट्टा जारी कर दिया. डीडीआर की जांच में घोटाले की पुष्टि हुई तो स्वायत्त शासन ने नोटिस देकर चेयरमैन से 7 दिन में स्पष्टीकरण मांगा. पालिकाध्यक्ष समेत 7 कार्मिकों को नोटिस थमाए हैं. सभापति ने तथ्यों को छिपाकर कूट रचित डॉक्यूमेंट्स बनाकर पट्टा जारी कर दिया. उन पर गैरकानूनी मैरिज गार्डन संचालित करने का भी इल्जाम लगा.
जांच में पाया, परिषद ने फर्जी पट्टे जारी किए
डीडवाना नगर परिषद में फर्जी पट्टों की जांच हुई. स्वायत्त शासन विभाग द्वारा कराई जांच में खुलासा हुआ कि नेहरू कॉलोनी में गैरकानूनी और गलत रूप से पट्टे जारी किए गए. जांच कमेटी ने माना कि नेहरू कॉलोनी में गैरकानूनी और गलत रूप से पट्टे दिए गए. डीएलबी की जांच में नगर परिषद सभापति को भी आरोपी माना है. हालांकि कार्रवाई की प्रक्रिया बाकी है. झुंझुनूं नगरपरिषद आयुक्त अनिता खीचड़ और सभापति नगमा बानो एक बिल्डिंग को लेकर आमने सामने हुए तो विभाग ने जांच प्रारम्भ कर दी.

