भूपेश बघेल के आवास पर पड़ी ईडी की नजर, पवन खेड़ा ने दी यह प्रतिक्रिया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के भिलाई के पदुम नगर क्षेत्र में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के आवास पर छापेमारी की. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा.

पवन खेड़ा ने सोमवार को एक्स पर शेयर किए वीडियो बयान में प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए बोला कि सुबह 6.30 बजे से भिलाई में भूपेश बघेल के यहां प्रवर्तन निदेशालय छापेमारी कर रही है. कोई आश्चर्य की बात नहीं है. विपक्ष के यहां प्रवर्तन निदेशालय भेजने की परंपरा बीजेपी ने प्रारम्भ कर रखी है. यह छापेमारी किस मुकदमा में की जा रही है ये किसी को नहीं मालूम. क्यों हो रही है? नहीं मालूम.
उन्होंने आगे बोला कि आज से कुछ दिनों पहले न्यायालय ने CBI का एक मुकदमा जो बघेल के विरुद्ध था, उसको खारिज कर दिया था. उनके विरुद्ध कोई मुकदमा नहीं है. फिर भी आज प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी उनके आवास पर चल रही है.
आज संसद का सत्र प्रारम्भ हो रहा है. बीजेपी चारों तरफ से घिरी हुई है. छापेमारी ध्यान भटाकने का एक षड्यंत्र है. ये भी हो सकता है कि भूपेश बघेल पंजाब में अपनी सियासी गतिविधि अब प्रारम्भ कर रहे हैं, प्रभारी बने हैं. उनको वहां परेशान करने की प्रयास की जा रही हो. बीजेपी का एक अंग बनकर आज प्रवर्तन निदेशालय जिस तरह से काम कर रही है यह भुला नहीं जाएगा, हम भी याद रखेंगे.
वीडियो के साथ पवन खेड़ा ने कैप्शन लिखा, “आज जब संसद का सत्र प्रारम्भ हो रहा है. चारों तरफ से घिरी हुई बीजेपी ने हैडलाइन बदलने के लिए, राष्ट्र का ध्यान टैरिफ, गिरती हुई अर्थव्यवस्था, वोटर्स लिस्ट फ्रॉड आदि से भटकाने के लिए आज सुबह से ही कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के घर पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा रेड करवा दी. बीजेपी को समझ लेना चाहिए कि वह ना कांग्रेस पार्टी को रोक पाएगी, ना हमारे किसी भी नेता को, ना डरे हैं, ना डरेंगे.
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय की टीम सुबह से छत्तीसगढ़ के भिलाई के पदुम नगर क्षेत्र में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के आवास पर छापेमारी कर रही है. टीमें चार इनोवा कारों में सवार होकर चैतन्य के भिलाई स्थित आवास पर पहुंचीं. रिपोर्टों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की टीम कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मुद्दे में जांच करने आई है.

