सहारनपुर जिले में भारी बारिश की लोग झेल रहे मार
Tractor stuck in culvert in Saharanpur: उत्तरप्रदेश में मानसून की आहट सुनाई देने लगी. यहां सहारनपुर (Saharanpur) जिले की तहसील बेहट भारी बारिश की मार झेलता नजर आ रहा है. शिवालिक (Shivalik) पर्वत श्रृंखला से लगे इस क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. बुधवार रात्रि से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते इस क्षेत्र की अधिकतर बरसाती नदियां उफान पर हैं. इनमें सहंश्रा नदी सबसे घातक स्थिति में पहुंच चुकी है जिसने कई स्थानों पर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

3 जानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, शाकुंभरी सिद्धपीठ के पास सहंश्रा नदी में फंसा ट्रैक्टर : सहारनपुर जिले में सबसे चिंताजनक स्थिति शाकंभरी सिद्धपीठ के पास पैदा हुई है, जहां सहंश्रा नदी के तेज बहाव में एक ट्रैक्टर फंस गया. फंसे ट्रैक्टर के ऊपर 3 लोग सवार दिखाई दे रहे हैं. ये सभी नदी पार कर रहे थे लेकिन अचानक से नदी का जलस्तर बढ़ गया जिसके चलते तेज बहाव के भंवर में ट्रैक्टर फंस गया. पानी के बीच फंसे ये तीनों लोग ट्रैक्टर पर बैठकर पानी के कम होने या रेस्क्यू टीम का प्रतीक्षा करने लगे. जैसे ही ग्रमीणों को सूचना लगी कि नदी का जलस्तर बढ़ गया और तेज बहाव में ट्रैक्टर सवार 3 लोग फंस गए हैं, वे शीघ्र में सहायता के लिए पहुंचे और बिना किसी सरकारी सहायता के 3 जानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
पुलिया बहने से अब्दुल्लापुर गांव का संपर्क टूटा : लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते बेहट क्षेत्र के पॉवर हाउस से अब्दुल्लापुर गांव को जोड़ने वाली पुलिया पानी के तेज बहाव को सहन नहीं कर सकी और वह बह गई. पुलिया के बह जाने से अब्दुल्लापुर गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट गया है. गांव में दैनिक जीवन की जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो गई है, वहीं ग्रामीणों को अन्य स्थानों तक पहुंचने में भारी कठिनाई हो रही है. स्कूली बच्चों, बीमार व्यक्तियों और वृद्धजनों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वैकल्पिक मार्ग के लिए जो रास्ते इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं, वह अधिकांश कीचड़भरे और फिसलन वाले हैं.
मिर्जापुर गांव में कच्चा मकान ढहा, बाल-बाल बचे लोग : वहीं मिर्जापुर गांव में भी बारिश का कहर देखने को मिला. गांव में एक कच्चा मकान तेज बारिश के कारण अचानक भरभराकर गिर गया. गनीमत यह रही कि घर में रहने वाले लोग समय रहते बाहर निकल गए जिससे कोई जनहानि नहीं हुई. क्षेत्रीय लोगों का बोलना है कि बारिश लगातार जारी है और क्षेत्र में कई अन्य कच्चे और जर्जर मकान हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं.
बाढ़ जैसे हालात, प्रशासन अभी तक मौन : सहारनपुर में बरसाती नदियां उफान पर दिखाई दे रही हैं. जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बनने की संभावना से मना नही किया जा सकता है. क्षेत्र के कई निचले इलाकों में जलभराव प्रारम्भ हो चुका है और खेतों में खड़ी फसलें भी पानी में डूबने लगी हैं. इसके बावजूद अभी तक प्रशासन की तरफ से से न तो कोई अलर्ट जारी हुआ है और न ही राहत अभियान प्रारम्भ किया गया है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से की सहायता और चेतावनी की मांग : स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर उदासीनता का इल्जाम लगाया है. ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्रीय प्रशासन शीघ्र से शीघ्र हालात का जायजा लेकर राहत और बचाव कार्य प्रारम्भ करे. साथ ही क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत, नदी के घातक इलाकों पर बैरिकेडिंग और संभावित बाढ़ के लिए अलर्ट जारी किया जाए. फिलहाल बेहट क्षेत्र में बारिश थमने के कोई संकेत नहीं हैं. मौसम विभाग ने आनें वाले 24 से 48 घंटों में और तेज बारिश की आसार जताई है जिसके चलते यहां हालात और भी बिगड़ सकते हैं.

