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पीएचडी छात्र ने किया एक्सपेरिमेंट, साढ़े चार महीने के लिए फोन और इंटरनेट से लिया सन्यास

एक समय था, जब हमारी जीवन में मोबाइल टेलीफोन और इंटरनेट जैसी चीज़ें नहीं थीं. यदि ये थीं भी, तो काफी महंगी और सीमित मात्रा में. जब से परिस्थितियां बदली हैं और ये दोनों ही संसाधन सस्ते हुए हैं, तब से आदमी अपने आसपास की दुनिया में कम और डिजिटल दुनिया में अधिक रमा हुआ है. इस बात की कल्पना भी करना कठिन है कि बिना टेलीफोन और इंटरनेट के पूरा दिन कैसे कटेगा.

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हालांकि पड़ोसी राष्ट्र चीन में रहने वाले एक पीएचडी के विद्यार्थी ने ऐसा ही एक एक्सपेरिमेंट किया है. उसने दो-चार दिन बल्कि पूरे साढ़े चार महीने के लिए न केवल अपना मोबाइल टेलीफोन छोड़ दिया बल्कि वो इंटरनेट का भी इस्तेमाल नहीं कर रहा था. इस एक्सपेरिमेंट से उसे जो अनुभव हुआ, उसे शेयर करते हुए उसने कई दिलचस्प बातें बताई हैं.

134 दिन रहा बिना फोन-इंटरनेट के
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 90 के दशक में जन्मा यांग हाओ नाम का एक शख्स ब्रिटिश यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहा है. उसने अपना होमटाउन ताइयुआन पिछले वर्ष नवंबर में छोड़ा था और इस वर्ष अप्रैल में वो अपने घर वापस लौटा. इस दौरान उसने 24 राज्यों की सैर कर डाली लेकिन इस दौरान उसने टेक्नोलॉजी या डिजिटल वर्ल्ड को एक्सेस नहीं किया था. उसने अपनी पूरी यात्रा में मोबाइल फोन, इंटरनेट या कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं किया था. उसके साथ केवल 2 कैमरा था, जो इंटरनेट से कनेक्ट नहीं हो सकते थे.

लोग समझते थे ‘एलियन
दरअसल यांग लोगों की जीवन पर डिजिटलाइजेशन के असर विषय पर ही रिसर्च कर रहा है. ऐसे में वो एक्सपेरिमेंट कर रहा था कि बिना टेलीफोन और इंटरनेट के जीवन कैसी होगी? यांग का बोलना है जो भी यात्रा के दौरान ये जानता था कि मैं मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता हूं, वो दंग रह जाता था. कोई समझता कि मेरे साथ कुछ बुरा हुआ है तो कोई ये पूछता कि मैं किसी स्पेशल ड्यूटी पर हूं. उन्हें भरोसा ही नहीं होता था कि मैं इसी समय का हूं. ऐसा महसूस होता था कि मैं प्राचीन समय से आधुनिक समय में यात्रा पर आया हूं.

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