पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने 45 मिनट तक कार में की बातचीत
चीन में पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति के बीच एक अगल केमेस्ट्री देखने को मिली। दोनों सुर्खियों में रहे। SCO सम्मलेन के बाद दोनों नेताओं में द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। इस दौरान वार्ता से पहले प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने 45 मिनट तक कार में वार्ता की। इसकी तस्वीर स्वयं प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शेयर की है। आपको बता दें कि चीन के तियानजान में SCO सम्मेलन हुआ। इसके बाद प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होनी थी। यहां से कुछ दूर एक होटल में यह बैठक रखी गई थी। इस होटल में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ जाने के लिए पुतिन ने करीब 10 मिनट तक कार में प्रतीक्षा करते रहे। दोनों की कार में भी 45 मिनट तक वार्ता हुई, जबकि कार वेन्यू तक पहुंच गई थी।

ये साझेदारी वैश्विक स्थिरता में किरदार निभाएगी: पीएम मोदी
राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता को लेकर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि तियानजिन में SCO के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से खास मुलाकात रही। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, दोनों राष्ट्रों के द्विपक्षीय योगदान मजबूत करने को लेकर व्यापार, फर्टिलाइजर, अंतरिक्ष, सुरक्षा और संस्कृति पर चर्चा हुई। हमने यूक्रेन में शांति बहाल करने को लेकर कई क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों पर चर्चा की। ये रणनीतिक साझेदारी वैश्विक स्थिरता में यह किरदार निभाएगी।“
मोदी, पुतिन और जिनपिंग के बीच खास तालमेल
आपको बता दें कि जब से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिंदुस्तान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। तब से एशिया में एक अलग माहौल दिख रहा है। SCO सम्मेलन में मोदी, पुतिन और जिनपिंग के बीच खास सामंजस्य देखा गया। अमेरिका का बोलना है कि रूस से ऑयल की डील की वजह से उसने हिंदुस्तान पर भारीभरकम टैरिफ लगाया ताकि रूस से यह डील समाप्त हो।
इसके साथ अमेरिका हिंदुस्तान से बड़ी डिफेंस डील करना चाहता है। दोनों ही मामलों में हिंदुस्तान पलटने वाला नहीं है। इसकी वजह है कि हिंदुस्तान और रूस के संबंध काफी पुराने हैं। रूस के अधिकांश हथियार भारती सेना में इस्तेमाल किए जा रहे हैं और रूस हिंदुस्तान को उसकी तकनीक भी देता रहा है। ऐसे में SCO यह दर्शाता है कि अब हिंदुस्तान और रूस के संबंध और गहरे होंगे। इसे अमेरिका की बड़ी हार के रूप में देखा जा सकता है।

