दोस्ती का नया जज्बा! एक ही कार में यात्रा करते नजर आए पीएम मोदी और पुतिन
चीन के तियानजिन में शंघाई योगदान संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन पूरी होने के बाद अब सबकी नजर पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की वार्ता पर टिकी है। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हिंदुस्तान पर रूसी ऑयल की खरीद कम करने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा है। हालांकि हिंदुस्तान ने साफ कर दिया है वह जहां से सस्ता ऑयल मिलेगा, वहां से खरीदता रहेगा। हिंदुस्तान और रूस के बीच मजबूत दोस्ती की एक बानगी आज एक बार फिर देखने को मिली, जब द्विपक्षीय वार्ता के लिए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एक ही कार में बैठकर निकले।

डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की आरंभ के बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच आमने-सामने की यह पहली मुलाक़ात होगी। दोनों नेता इससे पहले अक्टूबर 2024 में कज़ान में हुए ब्रिक्स समिट के दौरान मिले थे।
इससे पहले एससीओ समिट में राष्ट्रपति पुतिन ने हिंदुस्तान और चीन की प्रशंसा करते हुए बोला कि दोनों राष्ट्रों ने यूक्रेन संकट के निवारण में रचनात्मक किरदार निभाई है। उन्होंने पश्चिमी राष्ट्रों पर इल्जाम लगाया कि नाटो में यूक्रेन को शामिल करने की कोशिशों ने इस संकट को और बढ़ाया। पुतिन ने कहा, ‘कोई भी राष्ट्र अपनी सुरक्षा किसी दूसरे राष्ट्र की सुरक्षा को हानि पहुंचाकर सुनिश्चित नहीं कर सकता।’
इस समिट के दौरान पुतिन, मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक साथ हल्के-फुल्के पल साझा करते भी देखा गया। तीनों नेता एक दूसरे मिलते मुस्कुराते और बात करते नजर आए।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच मुलाक़ात पर पूरे विश्व की नज़रें टिकी हैं, क्योंकि यह वार्ता यूक्रेन संकट, भारत-रूस संबंधों और एशियाई शक्ति संतुलन की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।

