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पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा…

नई दिल्ली . पीएम मोदी ने गुरुवार को हिंदुस्तान मंडपम में सोल लीडरशिप कॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने ‘सोल’ को विकसित हिंदुस्तान की यात्रा के लिए अहम माना.

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पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बोला कि देश निर्माण के लिए नागरिकों का विकास बहुत जरूरी है. विभिन्न क्षेत्रों में नेताओं का विकास भी बहुत जरूरी है. सोल लीडरशिप कॉन्क्लेव की स्थापना ‘विकसित भारत’ की यात्रा की दिशा में एक जरूरी कदम है. बहुत जल्द सोल लीडरशिप कॉन्क्लेव का बड़ा परिसर तैयार हो जाएगा. कुछ आयोजन ऐसे होते हैं, जो दिल के बहुत करीब होते हैं और आज का यह कार्यक्रम सोल भी ऐसा ही है. देश निर्माण के लिए नागरिकों का विकास महत्वपूर्ण है. आदमी निर्माण से देश निर्माण, जन से जगत हमारा लक्ष्य है. किसी भी ऊंचाई को प्राप्त करना है, तो शुरुआत जन से ही प्रारम्भ होता है. हर क्षेत्र में बेहतरीन नेतृत्व का विकास बहुत महत्वपूर्ण है और समय की मांग है. इसलिए सोल की स्थापना ‘विकसित भारत’ की विकास यात्रा में एक बहुत जरूरी और बड़ा कदम है.

पीएम मोदी ने आगे बोला कि स्वामी विवेकानंद जी ने एक बार बोला था कि मुझे 100 ऊर्जावान युवा पुरुष और महिलाएं दीजिए, और मैं हिंदुस्तान को बदल दूंगा. स्वामी जी ने गुलामी से मुक्त और परिवर्तित हिंदुस्तान की कल्पना की थी. उनका मानना था कि मजबूत नेताओं का पोषण करके वह न सिर्फ़ हिंदुस्तान को स्वतंत्र करा सकते हैं बल्कि इसे दुनिया में नंबर एक जगह पर भी पहुंचा सकते हैं. हमें इस दृष्टिकोण को अपनाना चाहिए और उनके आदर्शों को अपने साथ लेकर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए. आज हर भारतीय 21वीं सदी के ‘विकसित भारत’ के लिए दिन-रात काम कर रहा है. ऐसे में 140 करोड़ के राष्ट्र में भी हर सेक्टर में, हर वर्टिकल में, जीवन के हर पहलू में हमें उत्तम से उत्तम नेतृत्व की आवश्यकता है.

पीएम मोदी ने आगे बोला कि प्रगति का लक्ष्य रखने वाले किसी भी राष्ट्र को न सिर्फ़ प्राकृतिक संसाधनों बल्कि मानव संसाधनों की भी जरूरत होती है. 21वीं सदी में हमें ऐसे संसाधनों की जरूरत है जो नवाचार और कौशल को कारगर ढंग से आगे बढ़ा सकें. हर क्षेत्र में कौशल की जरूरत होती है और नेतृत्व विकास कोई अपवाद नहीं है. यह नयी क्षमताओं की मांग करता है. हमें वैज्ञानिक रूप से नेतृत्व विकास में तेजी लानी चाहिए और सोल इस बदलाव में जरूरी किरदार निभाएगा. हिंदुस्तान एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है और यह गति हर क्षेत्र में तेज हो रही है. इस विकास को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए हमें विश्व स्तरीय नेताओं की जरूरत है. सोल संस्थान इस बदलाव में गेम-चेंजर हो सकते हैं. इस तरह के तरराष्ट्रीय संस्थान केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एक जरूरत हैं.

इससे पहले भूटान के पीएम दाशो शेरिंग तोबगे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे बड़े भाई, जब भी मुझे आपसे मिलने का अवसर मिलता है, मैं खुशी से अभिभूत हो जाता हूं. जब भी मैं आपसे मिलता हूं, मुझे एक लोक सेवक के रूप में और भी अधिक मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है. सोल लीडरशिप कॉन्क्लेव पीएम मोदी के दिमाग की उपज है और यह प्रामाणिक नेताओं को आगे करने और उन्हें हिंदुस्तान के महान गणराज्य की सेवा करने के लिए सशक्त बनाने की पीएम की अटूट प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है.

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