पीएम मोदी गुरुग्राम से एयरपोर्ट तक बने 8 लेन एक्सप्रेसवे का करेंगे उद्घाटन
रविवार को पीएम मोदी गुरुग्राम से एयरपोर्ट तक बने राष्ट्र के पहले 8 लेन अर्बन एलिवेटेड द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) का उद्घाटन करेंगे. यह महत्वाकांक्षी परियोजना दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक की भीड़ को कम करने और यात्रि
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करीब 9 हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार द्वारका एक्सप्रेसवे और 7 हजार 716 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित UER-2 न सिर्फ़ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाएंगे, बल्कि गुरुग्राम और दिल्ली के अंदरूनी और बाहरी इलाकों में ट्रैफिक के दबाव को भी कम करेंगे.
द्वारका एक्सप्रेसवे का 10.1 किलोमीटर लंबा दिल्ली खंड लगभग 5 हजार 360 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है. यह खंड यशोभूमि, डीएमआरसी ब्लू लाइन और ऑरेंज लाइन, आनें वाले बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका क्लस्टर बस डिपो को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा.
इस हिस्से का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री
पैकेज I: शिव मूर्ति चौराहे से द्वारका सेक्टर-21 में रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) तक 5.9 किलोमीटर. पैकेज II: द्वारका सेक्टर-21 आरयूबी से दिल्ली-हरियाणा सीमा तक 4.2 किलोमीटर, जो शहरी विस्तार रोड-II को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करता है. द्वारका एक्सप्रेसवे के 19 किलोमीटर लंबे हरियाणा खंड का उद्घाटन पीएम ने मार्च 2024 में किया था.
द्वारका एक्सप्रेसवे: एक नयी शुरुआत
भारत माला परियोजना के अनुसार निर्मित द्वारका एक्सप्रेसवे दिल्ली के महिपालपुर (शिव मूर्ति) से प्रारम्भ होकर गुरुग्राम के खेड़कीदौला टोल तक बनाया गया है. गुरुग्राम का हिस्सा पिछले वर्ष खोल दिया गया था. अब पीएम गुरुग्राम से दिल्ली तक के हिस्से को वकायदा रूप से उद्घाटन करेंगे. एक्सप्रेसवे में ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए 4 स्थानों पर 4 स्तरीय (फोर-लेवल) और 9 स्थानों पर 3 स्तरीय (थ्री-लेवल) इंटरचेंज बनाए गए हैं. ये इंटरचेंज सुनिश्चित करेंगे कि विभिन्न दिशाओं से आने वाला ट्रैफिक बिना जाम के अपने गंतव्य तक पहुंचे.
एयरपोर्ट टनल खास
इसकी सबसे बड़ी खासियत है 3.6 किलोमीटर लंबी और 8 लेन की राष्ट्र की सबसे चौड़ी अर्बन टनल, जो द्वारका और यशोभूमि को सीधे IGI हवाई अड्डे से जोड़ती है. यह टनल यात्रियों को बिना किसी रुकावट के हवाई अड्डे तक पहुंचने में सक्षम बनाएगी. टनल में आधुनिक सुविधाओं जैसे सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम, और इमरजेंसी निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की प्रबंध की गई है. हालांकि, सुरक्षा कारणों से 4.5 मीटर से ऊंचे वाहनों, दोपहिया, तिपहिया, और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने वाले टैंकरों को इसमें प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.
अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2)
इसे दिल्ली का तीसरा रिंग रोड बताया जा रहा है. 76 किलोमीटर लंबा यह रोड 7 हजार 716 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है. यह दिल्ली-पानीपत नेशनल हाईवे 44 के अलीपुर प्वाइंट से प्रारम्भ होकर नांगलोई, नजफगढ़ रोड, और द्वारका सेक्टर-24 तक जाता है. इस रोड का निर्माण दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्शन प्रदान करने के लिए किया गया है, जिससे दिल्ली और गुरुग्राम के आंतरिक इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा.
यूईआर-2 का विस्तार होगा
UER-2 का एक और जरूरी हिस्सा इसका विस्तार है, जो इसे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. करीब 17 किलोमीटर लंबा यह विस्तार 3 हजार 350 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा और 2026 तक इसके पूरा होने की आशा है. यह हरियाणा और राजस्थान से देहरादून जाने वाले वाहनों के लिए एक नया और तेज मार्ग प्रदान करेगा.
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के लिए नयी टनल: द्वारका एक्सप्रेसवे द्वारा गुरुग्राम से वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग तक 5 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल भी बनाई जा रही है. इस परियोजना पर करीब 3 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च होंगे. यह टनल दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ट्रैफिक की भीड़ को कम करने में जरूरी किरदार निभाएगी और IGI हवाई अड्डे तक पहुंच को और सुगम बनाएगी.
दोनों प्रोजेक्ट की खासियत
8 लेन अर्बन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे: देश का पहला 8 लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे, जो दिल्ली-NCR में ट्रैफिक को सुगम बनाएगा.
3.6 किमी अर्बन टनल: राष्ट्र की सबसे चौड़ी 8 लेन टनल, जो द्वारका को IGI हवाई अड्डे से जोड़ती है.
4 और 3 स्तरीय इंटरचेंज: 4 स्थानों पर 4 स्तरीय और 9 स्थानों पर 3 स्तरीय इंटरचेंज ट्रैफिक जाम को कम करेंगे.
आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं: टनल में सीसीटीवी, कंट्रोल रूम, और इमरजेंसी निकास की व्यवस्था.
UER-2 (76 किमी): दिल्ली का तीसरा रिंग रोड, जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी प्रदान करेगा.
UER-2 विस्तार: 17 किमी का विस्तार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा.
ट्विन-ट्यूब टनल: 5 किमी लंबी टनल दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ट्रैफिक को कम करेगी.
पर्यावरणीय लाभ: ट्रैफिक जाम में कमी से ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी.
यात्री सुविधा: हवाई अड्डे तक तेज और सुगम पहुंच.
गुरुग्राम को सबसे बड़ा फायदा?
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा गुरुग्राम के लाेगाें को होने वाला है. इसके अतिरिक्त द्वारका, वसंत कुंज, और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को मिलेगा. इसके साथ ही गुरुग्राम से फरीदाबाद मानेसर, सोनीपत, पानीपत और चंडीगढ़ जैसे शहरों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यात्रा समय में कमी आएगी. दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी के कारण लंबी दूरी के यात्री भी इस परियोजना से लाभान्वित होंगे.
ट्रैफिक और पर्यावरण पर प्रभाव
दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम एक गंभीर परेशानी है, जिसके कारण हर वर्ष लाखों लीटर ईंधन बर्बाद होता है और पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है. द्वारका एक्सप्रेसवे और UER-2 के प्रारम्भ होने से ट्रैफिक की भीड़ में कमी आएगी, जिससे ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी. यह परियोजना न सिर्फ़ यात्रियों के समय की बचत करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोग देगी.
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
इस परियोजना से दिल्ली-एनसीआर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण व्यवसायों, विशेष रूप से रसद और परिवहन क्षेत्र में तेजी आएगी. साथ ही हवाई अड्डे तक तेज पहुंच से पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा. सामाजिक दृष्टिकोण से, यात्रियों को जाम से मुक्ति मिलने से उनका जीवन स्तर बेहतर होगा और तनाव में कमी आएगी.

