PM Modi 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का करेंगे दौरा
नई दिल्ली. पीएम नरेन्द्र मोदी सत्ता संभालने के बाद पहली बार 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा करेंगे. इस दौरान वह राष्ट्र भर के 9.26 करोड़ लाभ पाने वाले किसानों के लिए 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की पीएम-किसान योजना की 17वीं किस्त जारी करेंगे. मोदी स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के 30,000 से अधिक सदस्यों को प्रमाण पत्र भी प्रदान करेंगे, जिन्हें कृषि सखियों के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, ताकि वे पैरा-विस्तार कार्यकर्ता के रूप में काम कर सकें और साथी किसानों को खेती में सहायता कर सकें. 
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संवाददाताओं से बात करते हुए कृषि क्षेत्र के प्रति गवर्नमेंट की प्रतिबद्धता दोहराई. चौहान ने कहा, “पिछले दो कार्यकालों में कृषि हमेशा से ही पीएम मोदी की अहमियत रही है. उन्होंने किसानों के भलाई में कई अहम निर्णय लिए. पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी जी ने सबसे पहले पीएम-किसान योजना की 17वीं किस्त जारी करने से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर किए.” वर्ष 2019 में प्रारम्भ की गई पीएम-किसान एक प्रत्यक्ष फायदा हस्तांतरण (डीबीटी) पहल है. इसके अनुसार लाभ पाने वाले किसानों को उनकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए तीन समान किस्तों में 6,000 रुपये की वार्षिक राशि प्राप्त होती है.
चौहान ने बोला कि योजना की शुरूआत के बाद से केंद्र ने राष्ट्र भर में 11 करोड़ से अधिक किसानों को 3.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की है. यूपी की गवर्नर आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्य के विभिन्न मंत्री वाराणसी में होने वाले कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं. कृषि मंत्री ने कृषि सखी योजना पर भी प्रकाश डाला, जो ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ एक सहयोगात्मक कोशिश है.
इस योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की 90,000 स्त्रियों को अर्ध-विस्तार कृषि मजदूरों के रूप में प्रशिक्षित करना है, ताकि कृषक समुदाय की सहायता की जा सके तथा अतिरिक्त आय अर्जित की जा सके. अब तक, लक्षित 70,000 में से 34,000 से अधिक कृषि सखियों को 12 राज्यों- गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, ओडिशा, झारखंड, आंध्र प्रदेश और मेघालय में पैरा-विस्तार कार्यकर्ता के रूप में प्रमाणित किया जा चुका है. गवर्नमेंट कृषि क्षेत्र के लिए 100 दिवसीय योजना तैयार कर रही है, जिसमें किसानों के कल्याण और राष्ट्र में कृषि परिदृश्य के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर बल दिया गया है.

