बागपत में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने में सफल रही पुलिस, पांच को किया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गैरकानूनी हथियारों की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. शहर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में पांच अभियुक्तों को अरैस्ट किया गया है. ये लोग एक बंद पड़े ईंट भट्टे में गैरकानूनी ढंग से हथियार तैयार कर रहे थे, जिन्हें आसपास के इलाकों में बेचकर फायदा कमा रहे थे.

छापेमारी का ऑपरेशन: भट्टे में चल रहा था ‘मौत का कारखाना’
एसपी सूरज कुमार राय ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि पुलिस को चामरावल रोड स्थित बंद पड़े भट्टे पर गैरकानूनी हथियारों के निर्माण की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की, जहां पर एक गुप्त फैक्ट्री में हथियार बनाए जा रहे थे.
गिरफ्तार अभियुक्त और उनकी पहचान :-सोहेल पुत्र मेहरबान – ग्राम पांची, जनपद बागपत, सिद्धार्थ उर्फ विष्ट पुत्र लोकेंद्र – राजपुर खानपुर, जनपद बागपत, अंकुर पुत्र देवेंद्र – हिलवाड़ी, जनपद बागपत, अनुज पुत्र विजेंद्र – बडौली, जनपद बागपत, सुनील पुत्र जयप्रकाश – तितरोदा, जनपद बागपत.
इन सभी ने मिलकर एक संगठित रैकेट की तरह इस फैक्ट्री को संचालित किया और मांग के मुताबिक गैरकानूनी तमंचे और पिस्टल बनाकर बेचते थे.
बरामद हथियार और उपकरण :-17 गैरकानूनी तमंचे (315 बोर), 2 गैरकानूनी तमंचे (12 बोर), 1 गैरकानूनी पिस्तौल (32 बोर), 19 अधबने तमंचे, 2 जिंदा कारतूस, हथियार बनाने के उपकरण, 2 गैस सिलेंडर, आपातकालीन लाइट और अन्य सामग्री.
जांच में चौंकाने वाले खुलासे : पूछताछ में अभियुक्तों ने कहा कि वे लंबे समय से यह धंधा कर रहे थे. गैरकानूनी शस्त्र की मांग जैसे-जैसे बढ़ती थी, ये लोग उसी मुताबिक मशीनों और उपकरणों की सहायता से हथियार तैयार करते और उन्हें बेचते थे. रैकेट अभ्यस्त और बहुत संगठित था, जो फायदा बराबर बांटकर पूरे सिस्टम को चला रहा था.
एसपी सूरज कुमार राय की प्रतिनिधित्व में बड़ी सफलता
एसपी राय ने बोला कि ये एक सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा है और इनके संपर्क किसी आपराधिक संगठन या रैकेट से भी हो सकते हैं. मुद्दे की गहराई से जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियों की आसार है.
उन्होंने यह भी बोला कि इस कार्यवाही से क्राइम पर रोक लगाने में बड़ी सहायता मिलेगी, क्योंकि ये हथियार अक्सर डकैती, लूट और मर्डर जैसे अपराधों में इस्तेमाल किए जाते हैं.
पुलिस टीम को ₹10,000 का इनाम
एसपी ने छापेमारी और गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को ₹10,000 का नकद पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया. साथ ही, ऐसे गैरकानूनी हथियार गिरोहों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं.

