पुलिस ने रामनवमी शोभायात्रा में बुलडोजर को शामिल करने पर जताई आपत्ति
Ram Navami Procession : बरेली के फरीदपुर में माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने रामनवमी शोभायात्रा में बुलडोजर को शामिल करने पर विरोध जताई। इसके बाद भाजपा के क्षेत्रीय नेता तथा प्रशासन के बीच तीखी बहस देखने को मिली। आदर्श रामलीला समिति द्वारा सोमवार को आयोजित शोभायात्रा में बुलडोजर भी शामिल किया जिसे पुलिस ने रोक दिया और बोला कि यह ‘अनधिकृत’ और ‘नयी परंपरा’ है। शोभायात्रा में हिस्सा ले रहे लोगों ने इसको लेकर विरोध-प्रदर्शन प्रारम्भ कर दिया। लोगों ने सड़क को जाम कर दिया और पुलिस तथा प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए वे धरने पर बैठ गए।
आखिरकार शांतिपूर्ण ढंग से शोभायात्रा संपन्न हुई
फरीदपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी हरेंद्र सिंह ने कहा कि आखिरकार शांतिपूर्ण ढंग से शोभायात्रा संपन्न हुई। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में रातभर कड़ी नज़र रखी। मंगलवार सुबह स्थिति सामान्य रही।’’ स्थिति तब बिगड़ी जब भाजपा की आंवला इकाई के अध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और पुलिस ऑफिसरों से भिड़ गए। सिंह ने तर्क दिया कि पिछले पांच सालों से रामनवमी शोभायात्रा में बुलडोजर को शामिल किया जाता रहा है और पुलिस पर परंपराओं में व्यवधान डालने का इल्जाम लगाया।
बीजेपी नेता ने पूर्व में आयोजित शोभायात्रा की फोटोज़ पेश की
बीजेपी नेता ने कहा, ‘‘हम शांति भंग करने की प्रयास नहीं कर रहे हैं।’’ उन्होंने अपने दावे के समर्थन में पूर्व में आयोजित शोभायात्रा की फोटोज़ और वीडियो पेश किए जिसमें बुलडोजर शामिल था। जिला मुख्यालय में वरिष्ठ ऑफिसरों के साथ विमर्श के बाद प्रशासन ने शोभायात्रा में बुलडोजर को शामिल करने की अनुमति दी। बाद में, आदेश प्रताप सिंह ने बुलडोजर पर सवार होकर सीएएस इंटर कॉलेज मैदान से शोभायात्रा को फिर से प्रारम्भ किया, जहां से उन्होंने पहले इसे हरी झंडी दिखाई थी। फरीदपुर की एसडीएम मल्लिका नैन ने बोला कि आयोजकों को शोभायात्रा के पारंपरिक प्रारूप का पालन करने की राय दी गई, जिस पर वे अंततः सहमत हो गए। उन्होंने कहा, ‘‘चर्चा के बाद शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी रही।’’

