राष्ट्रीय

बिलकीस बानो बलात्कार मामले में 11 दोषियों की समय पूर्व रिहाई खारिज

Bilkis Bano Case Supreme Court: गुजरात गवर्नमेंट ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर 2002 के दंगों के दौरान बिलकीस बानो दुष्कर्म मुद्दे में 11 दोषियों की समय पूर्व रिहाई को खारिज करने के निर्णय में राज्य के विरुद्ध कुछ टिप्पणियों को अनुचित बताते हुए उसे हटाने का निवेदन किया है बिलकीस बानो से दुष्कर्म और उनके परिवार के सात सदस्यों की मर्डर के 11 दोषियों की समय पूर्व रिहाई को खारिज करते हुए शीर्ष न्यायालय ने गुजरात गवर्नमेंट के विरुद्ध प्रतिकूल टिप्पणियां की थीNewsexpress24. Com bilkis bano case download 2024 02 14t131749. 662

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भूपेंद्र भाई पटेल गवर्नमेंट की सुप्रीम याचिका

गुजरात गवर्नमेंट ने याचिका में बोला है कि शीर्ष न्यायालय का आठ जनवरी का निर्णय साफ तौर पर त्रुटिपूर्ण था जिसमें राज्य को ‘अधिकार हड़पने’ और ‘विवेकाधिकार का दुरुपयोग’ करने का गुनेहगार ठहराया गया था इस याचिका में यह भी बोला गया है कि शीर्ष न्यायालय की एक अन्य क्वार्डिनेशन बेंच ने मई 2022 में गुजरात राज्य को ‘उपयुक्त सरकार’ बोला था और राज्य को 1992 की छूट नीति के मुताबिक दोषियों में से एक के माफी आवेदन पर फैसला लेने का निर्देश दिया था

रिव्यू पिटीशन पर प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकला 

पुनर्विचार याचिका में बोला गया है, ‘13 मई, 2022 (समन्वय पीठ के) के निर्णय के विरोध में समीक्षा याचिका दाखिल नहीं करने के लिए गुजरात राज्य के विरुद्ध ‘अधिकार हड़पने’ का कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है

याचिका के मुताबिक न्यायालय ने सख्त टिप्पणी की कि गुजरात राज्य ने ‘मिलीभगत से काम किया और प्रतिवादी नंबर तीन/आरोपी के साथ साठगांठ की’ याचिका में बोला गया कि यह टिप्पणी न सिर्फ़ अनुचित है और मुद्दे के रिकॉर्ड के विरुद्ध है, बल्कि याचिकाकर्ता-गुजरात राज्य के बारे में गंभीर पूर्वाग्रह पैदा किया है

क्या है बिलकिस बानो मामला?

2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलिकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था उनके परिवार के सात सदस्यों की मर्डर हुई थी बिलकिस बानो उस समय 21 साल की थीं और पांच महीने की गर्भवती थीं, जब साम्प्रदायिक दंगों के दौरान उसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था उसकी तीन वर्षीय बेटी परिवार के उन सात सदस्यों में शामिल थी, जिनकी दंगों के दौरान मर्डर कर दी गई थी पिछले वर्ष 15 अगस्त को सभी 11 दोषियों को सजा में छूट दिए जाने और रिहा किए जाने के तुरंत बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनेताओं ने शीर्ष न्यायालय में कई याचिकाएं दाखिल की थीं बिलकिस ने नवंबर में शीर्ष न्यायालय का रुख किया था

 

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