यूएई दौरे से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साझा किया पोस्ट
पीएम मोदी आज संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर निकल चुके हैं हैं। कल यानी की 14 फरवरी को वह अबु धाबी के बीएपीएस हिंदू मंदिर का उद्घाटन करेंगे, लेकिन उससे पहले आज यानी की 13 फरवरी को वह अबु धाबी के जायद स्पोर्ट्स सिटी स्टेडियम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करने वाले हैं। उनके इस कार्यक्रम का नाम अहलान मोदी (नमस्कार मोदी) रखा गया है। बता दें कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का 2015 से यूएई का यह सातवां दौरा है। वहीं पिछले आठ महीनों में यह उनका यूएई का तीसरा दौरा होगा।
अबु धाबी में आज हिंदू प्रवासियों को संबोधित करने से पहले प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने कहा, ‘हमें अपने प्रवासी हिंदुस्तानियों और दुनिया के साथ हिंदुस्तान के जुड़ाव को गहरा करने के उनके प्रयासों पर बहुत गर्व है। आज शाम, मैं अहलान मोदी कार्यक्रम में यूएई के भारतीय प्रवासियों से मिलने के लिए उत्सुक हूं। इस यादगार क्षण में अवश्य शामिल हों।’ बता दें कि 14 फरवरी को उद्घाटन से पहले बीएपीएस हिंदू मंदिर की एक झलक सोशल मीडिया पर पस्तुत की गई है।
विशाल जनसमूह को करेंगे संबोधित
पीएम मोदी के दौरे से पहले आई रिपोर्ट के अनुसार आयोजक खराब मौसम के कारण थोड़े परेशान हैं, लेकिन पीएम की अगवानी को लेकर इनके उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। आयोजकों ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात में खराब मौसम के बावजूद यहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। 2,500 से अधिक लोगों ने भारी बारिश के बावजूद फुल ग्राउंड रिहर्सल की। आयोजन में योगदान करने वाले वॉलेंटियर्स ने ब्रीफिंग में भी भाग लिया। 2,500 से अधिक लोगों ने भारी बारिश के बावजूद फुल ग्राउंड रिहर्सल की।आयोजन में योगदान करने वाले वॉलेंटियर्स ने ब्रीफिंग में भी भाग लिया।
प्रवासी भारतीय यूएई की जनसंख्या का 35 फीसदी
गौरतलब है कि संयुक्त अरब अमीरात में लगभग 3.5 मिलियन लोग प्रवासी भारतीय समुदाय के हैं। सबसे बड़ा समुदाय होने के साथ-साथ भारतीय पूरे राष्ट्र की जनसंख्या में लगभग 35 फीसदी हैं। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन के बाद अबु धाबी के स्टेडिम में कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में 700 से अधिक सांस्कृतिक कलाकार परफॉर्म करेंगे। भारतीय कलाओं की विविधता का जीवंत चित्रण होगा। दोनों राष्ट्रों की समावेशी संस्कृति की झलक भी देखी जा सकेगी।

