कटड़ा श्रीनगर के लिए प्रधानमंत्री दो वंदे भारत ट्रेनों को दिखायेंगे झंडी
नई दिल्ली। यदि इस बार गर्मियों की छुट्टियों में आप माता वैष्णो देवी जाने का प्लान बना रहे हैं तो सर्दियों के पकड़े जरूर रख लेना। अन्यथा मन मसोस कर रह जाएंगे। क्योंकि 6 जून के बाद कटड़ा श्रीनगर के लिए सीधी ट्रेन मिलेगी। पीएम दो वंदेभारत ट्रेनों को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही 42 वर्ष बाद कश्मीर पूरे राष्ट्र से ट्रेन रूट से जुड़ जाएगा। अभी वैली में श्रीनगर से लेकर संगलदान तक ट्रेनें चल रही हैं। अब, संगलदान से कटरा तक रेललाइन चालू होने के बाद इन ट्रेनों को कटड़ा तक चलाया जा सकता है।
इस प्रोजेक्ट की आरंभ प्रमुख रूप में 2002 में तब हुई थी, जब उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) “राष्ट्रीय परियोजना” घोषित किया गया था। इसके अनुसार उधमपुर से बारामूला तक कश्मीर घाटी को जोड़ने के लिए रेल लाइन का निर्माण किया गया है। यह परियोजना आज़ादी के बाद भारतीय रेलवे द्वारा किया गया सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है।
पहले इसका उद्घाटन 19 अप्रैल को होना था, लेकिन उस बीच मौसम खराब होने की आसार को देखते हुए इसका कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया गया है। फिर 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण उद्घाटन और टल गया। अब उद्धाटन कार्यक्रम 6 जून को होगा। इसके बाद ट्रेनें चलनी प्रारम्भ हो जाएंगी।
कश्मीर घाटी जल्द ही पूरे राष्ट्र से रेल मार्ग से जुड़ने जा रहा है। माता वैष्णो देवी कटड़ा से श्रीनगर के बीच रेल लाइन प्रारम्भ होने वाली है। रेल मंत्रालय के मुताबिक पहले दिन एक नहीं दो-दो वंदेभारत चलेंगी। एक ट्रेन श्रीनगर से और दूसरी कटरा से चलेगी। यह यात्रा अपने आप में अनूठा होगा, क्योंकि यात्रा के दौरान चिनाब ब्रिज से गुजरती ट्रेन का अनुभव कर सकेंगे। मंत्रालय के मुताबिक दोनों वंदेभारत ट्रेनों को पीएम झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पीएम कटरा में उपस्थित रहेंगे और श्रीनगर से चलने वाली वंदेभारत को वर्चुअल झंडी दिखाएंगे।
3.15 घंटे का होगा सफर
श्रीनगर से माता वैष्णो देवी का यात्रा 272 किमी। लंबा होगा, ट्रेन 3.15 घंटे में यात्रा पूरा करेगी। पहले दिन दोनों ओर से सुबह सुबह ट्रेन चलेगी। हालांकि बाद में एक ही वंदेभारत चलेगी जो सुबह चलकर गंतव्य तक पहुचेंगी और वापस चली जाएगी। दोनों खास वंदेभारत तैयार हैं। ये वंदेभारत ऐसी है जो माइनस तापमान में अंदर गर्म रहेंगी। ट्रैक पर बर्फ हटाने उपकरण भी इंजन में लगा होगा

