राष्ट्रीय

सुरंग में फंसे मजदूरों को पाइप के जरिए रात को पुलाव, मटर-पनीर और मक्खन वाली रोटी भेजी

 आखिरकार निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग (Silkyara Tunnel) में 10 दिन से अधिक समय से फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने का रास्ता तैयार करने के लिए अमेरिकी ऑगर मशीन द्वारा फिर से ड्रिलिंग फिर प्रारम्भ होने से बचाव अभियान में तेजी आ गयी है इसके पहले टनल के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए जगह की पहचान कर ली गई इस मामले में जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने कहा कि 800 एमएम व्यास के पाइप को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है अगले 24 घंटे बहुत अहम हैं यदि सबकुछ ठीक रहा तो दो दिनों में मजदूर बाहर आ जाएंगेNewsexpress24. Com uttarkashi tunnel rescue 32 24 navabharat download 2023 11 22t132402. 581

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वर्टिकल ड्रिलिंग शुरू 

घटना मामले में BRO के मेजर नमन नरूला ने बोला कि, “वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए हमें एक्सेस सड़क बनाना था जिसमें हमें 1150 मीटर का ट्रैक बनाना था जो कि हमने 20 तारीख को बना दिया था इस ट्रैक के आखिरी छोर पर दो वर्टिकल ड्रिलिंग होने हैं जिसके लिए दो ड्रिलिंग मशीन पहुंचनी थी जिसमें से एक पहुंच चुकी हैहमें एक और एक्सेस सड़क बड़कोट से बनानी थी जो टनल का दूसरा साइड है उसका सर्वे हमारा कल पूरा हुआ है हमारी मशीनरी वहां पहुंच चुकी है ताकि यदि आवश्यकता पड़ी तो हम वहां पर आज से काम प्रारम्भ कर सके

मिशन जल्द  होगा सफल

जानकारी दें कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए चलाए जा रहे अभियान के अनुसार ड्रिलिंग फिर से प्रारम्भ हो गई है ऑफिसरों ने कहा कि ड्रिलिंग के जरिए पाइप 32 मीटर अंदर तक पहुंच गई है इसके साथ ही पीएम कार्यालय के पूर्व सलाहकार मीडिया खुल्बे ने बोला कि ,” यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि क्षैतिज पाइपलाइन सुरंग के अंदर से 39 मीटर पाइपलाइन ड्रिल की गई है सब कुछ अच्छा चल रहा है, मैंने उनसे बात की और हर कोई उत्साहित था आशा करते हैं कि हम इसे हासिल करने में सक्षम होंगे

खाने में भेजा गया पनीर-पुलाव

मिली जानकारी के मुताबिक सुरंग में फंसे श्रमिकों को पाइप के जरिए रात को पुलाव, मटर-पनीर और मक्खन वाली रोटी भेजी गई थी इस खाने को चिकित्सक की देखरेख में तैयार किया गया था इस बात की जानकारी रसोइया संजीत राणा ने दी है उन्होंने कहा कि कम ऑयल और मसालों के साथ तैयार ये खाना तैयार किया गया था श्रमिकों को कुल 150 पैकेट खाना भेजा गया था दिन में उन्हें फल भेजे गए थे बता दें की 12 नवंबर को 4 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था जिससे उसमें मलबे के दूसरी ओर मजदूर फंस गए थे

 

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