NHIDCL अधिकारी के घर अचानक पड़ी रेड, रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
NHIDCL Officer Arrested: राष्ट्र में इन दिनों सरकारी बाबू छाए हुए हैं। एक दिन पहले पंजाब पुलिस के DIG हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वतखोरी में पकड़ा गया। उनके पास करोड़ों का कैस मिला था। इस घटना के ठीक एक दिन बाद इस तरह का एक और मुद्दा सामने आया है। गुवाहाटी के NHIDCL (नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के एक अधिकारी के घर से ऐसा खजाना निकला कि सीबीआई अधिकारी भी दंग रह गए। घूस के मुद्दे में अरैस्ट हुए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और रीजनल ऑफिसर माईनाम रीतेन कुमार सिंह के घर से करोड़ों की संपत्ति बरामद हुई है। उनके साथ व्यवसायी बिनोद जैन भी पकड़ा गया था। दोनों को सीबीआई ने 14 अक्टूबर 2025 को ₹10 लाख की घूस लेते हुए रंगे हाथों अरैस्ट किया था।

गिरफ्तारी के बाद गुवाहाटी, गाजियाबाद और इम्फाल में हुई छापेमारी में सीबीआई को 2.62 करोड़ रुपये नकद, लग्जरी गाड़ियां, महंगी घड़ियां और करोड़ों की अघोषित संपत्ति के डॉक्यूमेंट्स मिले। जांच एजेंसी के अनुसार संपत्ति की असली मूल्य दस्तावेजों में दिखाए गए मूल्य से कई गुना अधिक है।
CBI की छापेमारी में मिला करोड़ों का खजाना
CBI ने कहा कि माईनाम रीतेन कुमार सिंह और उनके परिवार के नाम पर दिल्ली-NCR में 9 लग्जरी फ्लैट, एक प्रीमियम ऑफिस स्पेस और तीन रेजिडेंशियल प्लॉट मिले हैं। इसके अतिरिक्त बेंगलुरु में एक फ्लैट और एक प्लॉट, गुवाहाटी में चार फ्लैट और दो प्लॉट, और इम्फाल वेस्ट में दो होमस्टेड प्लॉट और एक कृषि भूमि के डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए।
एजेंसी को 6 लग्जरी गाड़ियां, दो राडो घड़ियां और 100 ग्राम का सिल्वर बार भी मिला है। ये सब कुछ उस अधिकारी के घर से निकला, जो कुछ वर्ष पहले तक एक आम सरकारी कर्मचारी के तौर पर जाना जाता था।
कैसे खुला घूस का जाल
CBI को जानकारी मिली थी कि NHIDCL का यह अधिकारी एक प्राइवेट कंपनी से सड़क निर्माण प्रोजेक्ट में सहायता के बदले घूस मांग रहा है। इसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और 14 अक्टूबर को गुवाहाटी में ट्रैप ऑपरेशन के दौरान अधिकारी को ₹10 लाख लेते हुए पकड़ लिया। घूस कंपनी को नेशनल हाईवे-37 (Demow से Moran Bypass तक 4-लेन सड़क) के काम की समयसीमा बढ़ाने और कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने के बदले ली जा रही थी।
CBI ने दोनों आरोपियों को गुवाहाटी की विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। अब जांच एजेंसी संपत्ति के साधन और बैंक खातों की जांच कर रही है।
CBI का कठोर रुख
CBI सूत्रों के मुताबिक यह केवल घूस का मुद्दा नहीं, बल्कि करप्शन का बड़ा नेटवर्क हो सकता है। एजेंसी ने बोला कि बरामद की गई संपत्ति के दस्तावेजों में असली मूल्य छिपाया गया है और कई निवेश परिवारजनों के नाम पर किए गए हैं। आगे की जांच में कई और खुलासे होने की आशा है

