अयोध्या-बनारस जाने वालों पर मेहरबान हुआ रेलवे, जानें पूरी खबर
Ring Rail Memu Service: रेलवे की तरफ करोड़ों यात्रियों की सुविधा के लिए भिन्न-भिन्न तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले दिनों प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रेलवे की तरफ से हजारों स्पेशल ट्रेन के जरिये करोड़ों यात्रियों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। महाकुंभ के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर चलाई गई रिंग रेल को एक बार फिर से चलाने का प्लान किया जा रहा है। उस समय इसे प्रयागराज-अयोध्या-काशी रूट पर संचालित किया गया था। अब फिर से यह इसी रूट पर दौड़ती नजर आएगी।

जिस स्थान से प्रारम्भ होगी, उसी स्थान वापस आएगी रेल
रिंग रेल का सीधा सा मतलब है कि यह जिस स्थान से प्रारम्भ होगी, कुछ घंटे बाद घूम कर उसी स्थान वापस आ जाएगी। इस दौरान ट्रेन तय समय में निश्चित दूरी तय करती है। ट्रेन के संचालन से जुड़ा प्रस्ताव तैयार हो गया है। इसे स्वीकृति के लिये रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद इसका एक बार फिर से संचालन प्रारम्भ हो जाएगा। आपको बता दें इस ट्रेन के किसी भी तरह के ट्रायल की आवश्यकता नहीं होगी। दरअसल, इस ट्रेन का सफल ट्रायल महाकुंभ में पहले ही हो चुका है।
महाकुंभ में भी किया गया रिंग रेल का संचालन
रेलवे की तरफ से कुल चार रिंग रेल चलाए जाने का प्रस्ताव है। इससे पहले महाकुंभ के दौरान भी रिंग रेल का संचालन किया गया गया था। अब पहली रिंग रेल प्रयागराज से सुबह 6 बजे रवाना होकर सुबह 8.10 बजे बनारस और दोपहर 2 बजे अयोध्या पहुचेगी। यह ट्रेन शाम 6.50 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। दूसरी रिंग रेल प्रयागराज से शाम 5.30 बजे चलकर शाम को 7.40 बजे बनारस, रात 2.00 बजे अयोध्या और अगले दिन सुबह 7.45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। तीसरी रिंग रेल प्रयागराज से सुबह 6.30 बजे और चौथी शाम 5.45 बजे रवाना होगी।
महाकुंभ के बाद तेज हुई रिंग रेल की मांग
महाकुंभ के दौरान तीनों शहरों के बीच रिंग रेल प्रोजेक्ट सफल हुआ था। इस स्पेशल ट्रेन के जरिये लाखों श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में डुबकी लगाने के अतिरिक्त अयोध्या में राम लला का दर्शन किया और काशी विश्वनाथ में माथा टेका। 26 फरवरी को महाकुंभ पूरा होने साथ ही रेलवे ने 28 फरवरी से रिंग रेल का संचालन बंद कर दिया। लेकिन रिंग रेल को यात्रियों की तरफ से पसंद और इसकी मांग किये जाने के बाद इसका फिर से संचालन प्रारम्भ होने की आशा है।
12 घंटे में पूरा होगा एक चक्कर
प्रयागराज से वाराणसी होते हुए यह ट्रेन काशी-अयोध्या-प्रयागराज का यात्रा 12 घंटे में पूरा करती है। प्रयागराज से झांसी-चित्रकूट- प्रयागराज के बीच भी रिंग रेल का प्रस्ताव तैयार है। इसमें प्रयागराज से पहली ट्रेन सुबह 6.45 बजे और दूसरी ट्रेन शाम 5.05 बजे चलेगी। बोर्ड से स्वीकृति के बाद इसका भी संचालन प्रारम्भ किया जाएगा।
15 लाख से ज्यादा लोगों ने किया सफर
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रिंग रेल का संचालन प्रारम्भ किया गया था। इस दौरान इसके 415 फेरे लगे थे और 15 लाख से ज्यादा लोगों ने यात्रा किया था। यदि ट्रेन का संचालन बंद नहीं किया जाता तो यह यात्रियों के लिए यह बेहतर ऑप्शन बना रहता। संगम नगरी से स्नान करने के बाद काशी होते हुए अयोध्या और प्रयागराज तक जाने के लिए त्रिकोण बनाने में यह ट्रेन अहम किरदार निभाएगी।
सीनियर डीसीएम लखनऊ मंडल (नॉर्दन रेलवे) कुलदीप तिवारी ने बोला कि रिंग रेल से जुड़ा प्रस्ताव तैयार किया गया है। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलते ही इसे फिर से प्रारम्भ किया जाएगा।

