राजस्थान: हो जाएं सावधान! पानी की बर्बादी करने वालों का काट दिया जाएगा कनेक्शन
जयपुर। राजस्थान की भजनलाल गवर्नमेंट ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए बड़ी पहल की है। गवर्नमेंट ने पानी की बर्बादी को रोकने के लिए पहली बार कठोर नियम बनाए हैं। इसके साथ ही घरेलू इस्तेमाल के पानी का व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर भी रोक लगा दी गई है। पानी की बर्बादी करने पर जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान किया गया है। घरेलू या व्यावसायिक पेयजल कनेक्शन में लीकेज पर 1000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

पीएचईडी के शासन सचिव डाक्टर समित शर्मा ने इसको लेकर आदेश जारी किए हैं। राजस्थान वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज अधिनियम के अनुसार ये आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों के अनुसार अब पेयजल कनेक्शन में लीकेज मिलने पर पहली बार 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह लीकेज पेयजल कनेक्शन धारक को ही ठीक करवाना होगा। एक बार से अधिक बार लीकेज पाए जाने पर पेयजल कनेक्शन काटने का प्रावधान किया गया है।
पहली बार की गई है इस तरह की पहल
इन आदेशों में बोला गया है कि पेयजल का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। ये आदेश पांच जुलाई से कारगर हो गए हैं। राजस्थान में पानी के संरक्षण को लेकर इस तरह की पहल पहली बार की गई है। राजस्थान का काफी क्षेत्र डार्क जोन में आ चुका है। पेयजल के लिए राजस्थान में गर्मी के मौसम में कोहराम मच जाता है। हालात ये हैं कि कई शहरों में तो पांच से सात दिनों में पानी की सप्लाई होती है। वहीं पाली में तो गर्मियों में पेयजल के लिए वाटर ट्रेन चलानी पड़ती है।
कई इलाकों में पीन का पानी दूर से लाना पड़ता है
राजस्थान में पेयजल संकट बहुत बड़ी परेशानी है। बरसों के कोशिश के बाद भी आज भी राजस्थान के कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां लोगों को कई किलोमीटर दूर पीने का पानी लाना पड़ता है। अब केन्द्र गवर्नमेंट के जल जीवन मिशन के अनुसार हर घर नल का प्रोजेक्ट चल रहा है। लेकिन पश्चिमी राजस्थान के रेतीले धोरों में आज भी पानी का बहुत टोटा है। वहीं शहरों और गांवों में पेयजल की जमकर बर्बादी होती है। प्रदेश में गर्मियों के मौसम में हजारों गांवों और ढाणियों में टैंकरों पेयजल पहुंचाया जाता है।

