राजस्थान हाइकोर्ट का अवैध खनन को लेकर बड़ा आदेश
राजस्थान उच्च न्यायालय ने बस्सी के घाटा गांव में गैरकानूनी खनन से जुडे मुद्दे में खान निदेशक को कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने खान निदेशक को बोला है कि वह संबंधित एरिया के खान अधिकारी को शामिल करते हुए, एक जांच कमेटी बनाए। यह कमेटी गैरकानूनी खनन की सत्यता की जांच कर दो माह में अपनी रिपोर्ट खान निदेशक को सौंपे। वहीं यदि गैरकानूनी खनन की कम्पलेन ठीक पाई जाती है तो खान निदेशक गैरकानूनी खनन रोकने के लिए मुनासिब कार्रवाई करे।
जनहित याचिका का निस्तारण
इसके साथ ही न्यायालय ने याचिकाकर्ता को बोला है कि यदि गैरकानूनी खनन पाए जाने पर खान विभाग उसे नहीं रोकता है, तो वह इस याचिका को पुनर्जीवित करा सकता है। अभिनय सीजे एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश दीपक कुमार जांगिड की जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता संजय भारती ने न्यायालय को कहा कि बस्सी तहसील के गांव घाटा में स्थित खसरा नंबर 241 और 242 में कुछ लोग गैरकानूनी रूप से खनन कार्य कर रहे हैं। खनन के दौरान विस्फोट किए जाते हैं। जिससे पहाड कमजोर हो रहा है। राजस्व रिकॉर्ड में यह दोनों खसरा नंबर गैर संभव पहाड और चरागाह भूमि के रूप में दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त खान विभाग ने किसी भी आदमी को यहां खनन करने की अनुमति भी नहीं दी है।
अवैध खनन की कम्पलेन सही
याचिकाकर्ता की ओर से से इस संबंध में क्षेत्रीय प्रशासन और खान विभाग को लिखित में कम्पलेन दी गई, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में विभाग को निर्देश दिए जाए कि वह यहां चल रही गैरकानूनी खनन गतिविधियों को रुकवाए और पहाड का संरक्षण करे। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने खान निदेशक को गैरकानूनी खनन की कम्पलेन की सत्यता जांचने के लिए कमेटी गठित करने को बोला है

