राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बताई पशुओं की महत्वता
बिहार के गवर्नर राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शनिवार को बोला कि पर्यावरण के लिए पेड़-पौधों के साथ-साथ पशु भी जरूरी हैं. उन्होंने बोला कि सर्वे जन सुखिनः भवन्तु हमारा मंत्र है. सर्वजन के अनुसार वे सभी प्राणी आते हैं, जिनमें जीवन और प्रजनन क्षमता है. इसके भीतर पेड़-पौधे और पशु-पक्षी सहित समस्त जीव आते हैं और उनका संरक्षण हमारा कर्तव्य है.
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राज्यपाल ने शनिवार को एक पेड़ मां के नाम अभियान के अनुसार बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के परिसर में पौधारोपण किया.
इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के बैठक भवन में पौधारोपण कार्यक्रम एवं वैज्ञानिकों तथा राज्य के प्रगतिशील किसानों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया. गवर्नर ने बोला कि हमारी संस्कृति और परम्परा में पौधों का जरूरी जगह है. हमारे ऋषियों और मनीषियों ने भी प्रकृति के सानिध्य में रहने तथा अधिकाधिक पेड़ लगाकर प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया है.
उन्होंने कहा, अपने घरों में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी पूजा, बट वृक्ष की पूजा आदि अनेक प्रकार की पूजा पद्धतियां हमें प्रकृति से जोड़ती हैं और इससे उसका संरक्षण होता है.
उन्होंने बोला कि हजारों सालों की इस परम्परा को पीएम मोदी जी ने मां के साथ जोड़कर एक पेड़ मां के नाम अभियान की आरंभ की और अपनी मां के नाम पर पौधा लगाकर प्रकृति के संरक्षण का आह्वान किया. हमें इस अभियान से जुड़कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए.
राज्यपाल ने बोला कि गवर्नमेंट पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयत्नशील है. हमारा राष्ट्र पेरिस सम्मेलन के निर्णयों के प्रति भी कटिबद्ध है. बिहार का वन क्षेत्र राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी कम है. इस राज्य के वन क्षेत्र को बढ़ाने का दायित्व हम सबका है.
राज्यपाल ने इस मौके पर वैज्ञानिकों और बिहार के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया. कार्यक्रम को माननीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु बदलाव मंत्री प्रेम कुमार एवं बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति डाक्टर डी। आर। सिंह ने भी संबोधित किया.

