Ram Lalla clothings: ‘तीन तलाक’ की पीड़ित महिलाएं राम लला को अपने हाथों से बनाए वस्त्र करेंगी भेंट
pearl studded clothings to ram lalla: जिसका कोई नहीं होता उसके राम होते हैं। यह मान्यता पीढ़ी रेट पीढ़ी चली आ रही है। जिसके समय-समय पर प्रमाण भी मिलते रहते हैं। यही वजह है कि जैसे जैसे राममंदिर का निर्माण अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों के दिलोदिमाग में गंगा जमुनी तहजीब यानी सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के रेट उमड़ रहे हैं। पांच वर्ष के राम लला की छवि कैसी होगी? इसकी कल्पना मात्र से लोग अभिभूत हो रहे हैं। भावनाओं के इस बह रहे ज्वारभांटे से मुसलमान महिलाएं भी अछूती नहीं है। ऐसे में ‘तीन तलाक’ की पीड़ित महिलाएं भी राम लला के दर्शन करेंगी बल्कि उन्हें अपने हाथों से बनाए वस्त्र भी भेंट करेंगी।

रामलला को वस्त्रों की भेंट विशेषता भी जानिए
तीन तलाक से पीड़ित स्त्रियों की तैयारी अंतिम चरण में है। अपने दिल की ख्वाहिश पूरा करने के लिए ये मुसलमान महिलाएं पैसे का व्यवस्था चंदा जुटाकर कर चुकी हैं। ईश्वर राम लला के वस्त्र मोतियों से जड़े हैं। उनमें खास कारीगरी की गई है। अपने मकसद को पूरा करने के लिए ये महिलाएं बरेली, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, मेरठ, प्रयागराज समेत 30 जनपदों से चंदा जुटा रही हैं। जो भी राशि इकट्ठा होगी, उसे वो राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप देंगी। सामाजिक कार्यों से जुड़ीं स्त्रियों का बोलना है कि जब ईदगाह के लिए हिंदू समुदाय ने हमें दान में जमीन दी, तो भला हम लोग राम लला के मंदिर निर्माण में अपना योगदान क्यों नहीं कर सकते?
26 जनवरी के बाद दर्शन और भेंट
ये महिलाएं 26 जनवरी के बाद किसी भी दिन रामलला के दर्शन करने पहुंचेगी। अयोध्या के इस मंदिर में ट्रिपल तलाक की पीड़ित मुसलमान महिलाएं न केवल रामलला को निहारेंगी, बल्कि उन्हें अपने हाथों से बने खास कपड़े भी भेंट में देंगी। रामलला के वस्त्र बरेली की प्रसिद्ध जरी जरदोजी से तैयार हो रहे हैं।
मातृशक्ति यानी राष्ट्र की माताएं और बहनें अभी से अपने दिल में रामलला की सेवा और उनका लाड़ दुलार करने के लिए उत्साहित हैं। यहां बात ममता की जिसके आगे क्या हिंदू और क्या मुस्लिम सब एक प्रेम की धारा में बहे चले जा रहे हैं। इसी कड़ी में अपनी भावनाओं को सुई धारे में पिरोकर तीन तलाक की पीड़िताएं अपने हाथों से राम लला के वस्त्र बनाकर उन्हें भेंट करने जा रही हैं।

