खुद को मरा दिखाने वाले राममेहर को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
हिसार। हरियाणा के हिसार में 1.41 करोड़ की बीमा राशि हड़पने के लिए स्वयं को मरा दिखाने वाले आदमी को शुक्रवार को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई। राममेहर नाम के आदमी ने 6 अक्टूबर 2020 को स्वयं के जैसे दिखने वाले रमलू का गला रेत दिया था। इसके बाद उसे कार में बंद कर जिंदा जला दिया। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट न्यायधीश (ADJ) गगनदीप मित्तल की न्यायालय ने राममेहर के साथ मर्डर की प्लानिंग में शामिल स्त्री रानी और सुनीता को अंडर गोन (जितनी सजा काट ली उसी में सजा) कर दिया है। साथ ही न्यायालय ने रमलू के परिवार को मुआवजा देने का भी आदेश दिया। मुआवजे की राशि डिस्ट्रिक लीगल सर्विसिस अथॉरिटी (DLSA) तय करेगी। रमलू के परिवार के सदस्यों ने राममेहर को फांसी की सजा की मांग की थी। उनका बोलना था कि जघन्य क्राइम को देखते हुए राममेहर को सजा-ए-मौत दी जाए, क्योंकि राममेहर ने बड़ी चालाकी और योजना के अनुसार हत्याकांड को अंजाम दिया।

दरअसल, 6 अक्टूबर 2020 को हांसी के महजत-भाटला रोड पर पुलिस को एक आदमी के कार में जिंदा जलने की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार जल रही थी और उसमें ड्राइवर सीट के बगल में बैठा आदमी कंकाल बन चुका था। कार की नंबर प्लेट के आधार पर जले आदमी की पहचान डेटा गांव के राममेहर के रूप में हुई। मर्डर के करीब एक हफ्ते बाद ही हांसी पुलिस ने इस मुद्दे में खुलासा कर दिया था कि गांव के ही व्यापारी राममेहर ने बीमा राशि हड़पने के लिए अपने ही नाम के राममेहर उर्फ रमलू की मर्डर की। हांसी पुलिस ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से राममेहर को अरैस्ट कर लिया।
पुलिस ने कहा था कि राममेहर ने किसानी छोड़कर डिस्पोजल की फैक्ट्री लगाई। कोविड-19 काल में लगे लॉकडाउन की वजह से फैक्ट्री बंद हो गई। इसके बाद डिस्पोजल के रॉ मटीरियल की फैक्ट्री लगाई। इस दौरान उस पर PNB और भारतीय स्टेट बैंक बैंक से करीब डेढ़ करोड़ रुपए के लोन के अतिरिक्त भी लाखों रुपए का ऋण था। 10वीं पास राममेहर जल्द अमीर बनना चाहता था। इसलिए उसने गांव में अपने जैसे दिखने वाले रमलू की मर्डर की प्लानिंग की।
राममेहर को 6 अक्टूबर 2020 की शाम को डेटा गांव में रमलू शराब पीते हुए मिल गया। राममेहर ने उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया और फिर दोनों ने एक साथ आसपास की सड़कों पर घूमते हुए शराब पी। रात करीब 9 बजे भाटला-महजत रोड पर पहुंचे और यहां भी शराब पी। शराब के नशे में राममेहर के दिमाग में आया कि रमलू की मर्डर कर स्वयं की मृत्यु साबित कर दूं। राममेहर जानता था कि रमलू एक-एक सप्ताह तक घर नहीं जाता था। उसके परिवार को भी उसकी चिंता नहीं थी।

