राष्ट्रीय

एनकाउंटर में मारा गया बलात्कार का आरोपी

महाराष्ट्र के बदलापुर में दो नर्सरी विद्यालय की बच्चियों से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ में मार गिराया है. पुलिस के अनुसार उसने एक कांस्टेबल की बंदूक छीनकर पुलिस अधिकारी पर गोली चला दी. इस गोलीबारी में असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर नीलेश मोरे घायल हो गए हैं वहीं सीनियर इंस्पेक्टर संजय शिंदे ने आरोपी पर जवाबी कार्रवाई की. जिसके बाद हॉस्पिटल में आरोपी की मृत्यु हो गई. अब संजय शिंदे को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं. जानकारी के अनुसार संजय शिंदे प्रसिद्ध ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ प्रदीप शर्मा की अगुआई वाली टीम का हिस्सा थे जो नेटफ्लिक्स की डॉक्यूसीरीज ‘मुंबई माफिया: पुलिस वर्सेस द अंडरवर्ल्ड’ में नजर आ चुके हैं.

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सूत्रों ने कहा कि जब वह ठाणे अपराध ब्रांच के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल का नेतृत्व कर रहे थे तब वह प्रदीप शर्मा की टीम का हिस्सा थे. इस टीम ने 2017 में जबरन वसूली के एक मुद्दे में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के भाई इकबाल कासकर को ठाणे से अरैस्ट किया था. प्रदीप शर्मा पर 2014 में रेगे नाम की एक मराठी क्राइम थ्रिलर भी बनी थी. लेखक और पत्रकार एस हुसैन जैदी की ‘द क्लास ऑफ 83’ भी प्रदीप शर्मा और अन्य ऑफिसरों द्वारा किए गए मुठभेड़ों पर आधारित है. प्रदीप शर्मा को गैंगस्टर छोटा राजन के करीबी सहयोगी रामनारायण गुप्ता के 2006 में फर्जी एनकाउंटर के मुद्दे में इस वर्ष की आरंभ में बॉम्बे उच्च न्यायालय ने गुनेहगार ठहराया था और जीवन भर जेल की सजा सुनाई थी.

संजय शिंदे से कई मामलों में हो चुकी है पूछताछ

वहीं संजय शिंदे मुंबई पुलिस में काम कर चुके हैं और अब राज्य गवर्नमेंट द्वारा बदलापुर दुष्कर्म मुद्दे की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल का हिस्सा हैं. इससे पहले भी दो मर्डर के आरोपी विजय पलांडे के 2012 में पुलिस हिरासत से भागने के बाद उनसे पूछताछ की गई थी. रिपोर्ट के अनुसार एक बार में शराब पीने के बाद दूसरे पुलिसकर्मी के साथ गोलीबारी करने के बाद संजय शिंदे के विरुद्ध एक और जांच प्रारम्भ की गई. 2000 में वह एक किडनैपिंग मुद्दे में जांच के घेरे में आएं थे.

आरोपी के परिजनों ने की जांच की मांग

बदलापुर के आरोपी अक्षय शिंदे को अगस्त में अरैस्ट किया गया था जब दोनों बच्चियों ने अपने माता-पिता को यौन उत्पीडन की सूचना दी थी. पुलिसकर्मियों ने उस पर सोमवार को गोली चलाई जब अधिकारी अक्षय को उसकी पहली पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म और हमले के एक नए मुद्दे में हिरासत में लेने के लिए तलोजा कारावास गए थे. इस बीच विपक्ष ने प्रश्न उठाया कि हथकड़ी लगा हुआ आदमी बंदूक कैसे छीन सकता है और इल्जाम लगाया है कि दुष्कर्म के आरोपी की मृत्यु मुठभेड़ में हुई है. वहीं आरोपी के परिजनों ने बोला है कि यह मुठभेड़ नहीं मर्डर है और बोला है कि आरोपी पटाखों से भी डरता था फिर वह बंदूक छीनकर धावा कैसे कर सकता है. महाराष्ट्र गवर्नमेंट ने मुद्दे की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है.

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