राष्ट्रीय

बिजयनगर ब्लैकमेल कांड जांच के लिए इस विभाग को सौंपी गई जिम्मेदारी

Ajmer Bijainagar Blackmail Rape Case : राजस्थान के बिजयनगर ब्लैकमेल काण्ड की जांच के लिए SIT गठित कर दी गयी है अजमेर रेंज डीआईजी के निर्देशन में एसआईटी टीम का गठन किया गया है आपको बता दें कि इस घिनौने काण्ड के आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं जिन्हे फांसी देने की मांग को लेकर बंद और प्रदर्शन लगातार जारी है

03 03 2023 ludhiana crime news 23346204

WhatsApp Group Join Now

SIT टीम में कौन कौन है शामिल ?
SIT के इंचार्ज एडिशनल एसपी नेमसिंह, ASP भुपेंद्र शर्मा, CO मसूदा सज्जन सिंह, CI करणसिंह, CI विद्या मीणा और SI पारुल को शामिल किया गया है  ये टीम पीडिताओं और उनके परिजनों से फिर से वार्ता करेगी और जांच करेगी

आपको बता दें कि इस काण्ड में अभी तक कई गिरफ्तारियां हुई है मुख्य आरोपी पूर्व पार्षद वैध कुरैली है जिससे पूछताछ जारी है धर्मांतरण, फंडिंग और शरण देने के लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है वैध कुरैशी पूर्व निर्दलीय पार्षद था अब तक हुई जांच के अनुसार हकीन ने क्षेत्र के कई मुसलमान युवकों को गिरोही में एंट्री दी और एक पीड़िता ने ये भी कहा कि वैध ने बोला था कि ये काम गलत नहीं है इससे कोई हानि नहीं होगा

बिजयनगर ब्लैकमेलिंग काण्ड ही नहीं बल्कि भीलवाड़ा में कैफे स्कैंडल ने भी लॉ एंड ऑर्डर पर प्रश्न खड़े किये हैं ये समस्या विधानसभा में भी उठा दोनों ही मामलों पर विश्व हिंदू परिषद का बोलना है कि पूरे राष्ट्र में लव जिहाद एक सोची-समझी षड्यंत्र के अनुसार फैलाया जा रहा है

विश्व हिंदू परिषद के अनुसार राजस्थान में अब तक 24 ऐसे मुद्दे सामने आ चुके हैं जिसमें कई अधिकारी इन मामलों को प्रेम-प्रसंग बताकर टालने का कोशिश करते हैं और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती विश्व हिंदू परिषद ने बोला कि पुलिस ने आरोपियों को गरीब मजदूर बताकर बचाने की प्रयास की, जबकि उनके पास महंगे मोबाइल और होटलों में खर्च करने के पैसे कहां से आए, यह जांच का विषय है विश्व हिंदू परिषद ने दावा किया कि लव जिहाद एक गिरोह है, जिसे धन मौजूद कराया जा रहा है, और इसमें कई लोग शामिल हैं जब तक कोई मास्टरमाइंड नहीं होगा, इतनी बड़ी घटनाएं नहीं हो सकतीं उन्होंने बोला कि कई उम्रदराज आदमी भी बच्चियों के साथ क्राइम कर रहे हैं

वहीं आपको बता दें कि मुद्दे में 5 आरोपियों के परिजनों की संपत्ति तोड़ने की कार्रवाई पर हाइकोर्ट ने दिए यथास्थिति के आदेश दिए हैं जस्टिस महेंद्र गोयल ने शाकिर और अन्य की याचिका पर ये आदेश दिये हैं याचिका में बोला गया
था कि याचिकाकर्ता की संपत्ति से कब्जा हटाने का  नोटिस दिया गया है जबकि नोटिस दूसरे नाम से जारी किए गये हैं  इसके अतिरिक्त बिना सील किए, सीधे ही कब्जा तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है मुद्दे में उच्चतम न्यायालय के निर्देश की भी पालना नहीं हो रही है

Back to top button