आरजी कर मुद्दे में अब पीड़िता के पिता ने मंगलवार को CBI पर गंभीर इल्जाम लगाए हैं. उन्होंने बोला कि सीबीआई ने कोलकाता उच्च न्यायालय और सियालदह जिला न्यायालय में दो भिन्न-भिन्न रिपोर्टें पेश की हैं. उन्होंने बोला कि हम आज उच्च न्यायालय में बताएंगे कि CBI दो भिन्न-भिन्न स्टेटस रिपोर्ट पेश कर रही है. यहां तक कि उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश भी रिपोर्ट की गंभीरता को देखकर दंग थे. हमें CBI पर भरोसा था, लेकिन अब आशा समाप्त हो रही है.

बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त 2024 को एक 31 वर्षीय स्त्री चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद मर्डर कर दी गई थी. इस घटना ने पूरे राष्ट्र को झकझोर दिया था और व्यापक प्रदर्शन हुए थे. जांच पहले क्षेत्रीय पुलिस कर रही थी, लेकिन कोलकाता उच्च न्यायालय ने पुलिस की जांच से असंतोष जताते हुए यह मुद्दा CBI को सौंपा था.
न्याय प्रबंध पर कहे पीड़िता के पिता
पीड़िता के पिता ने आगे भारतीय इन्साफ प्रबंध को लेकर दुख जताते हुए बोला कि अब मुझे भारतीय इन्साफ प्रबंध पर कोई भरोसा नहीं रहा. उन्होंने ये भी इल्जाम लगाया कि CBI को वास्तविक गुनहगारों की जानकारी है, लेकिन वह सच छुपा रही है. उन्होंने बोला कि सीबीआई को पता है कि मेरी बेटी के साथ दुष्कर्म और मर्डर किसने की, लेकिन CBI जानकारी छुपा रही है.
सीबीआई पर लगाए आरोप
अपने बयान में पीड़िता के पिता ने यह भी संभावना जताई कि किसी ने उनकी बेटी के टेलीफोन तक गैरकानूनी पहुंच बनाई है. मेरी बेटी के दोस्तों ने दो दिन पहले मुझसे मिलकर कहा कि कोई उनकी ग्रुप चैट से मेरी बेटी का नंबर हटा रहा है. उन्होंने बोला कि CBI के पास उसका टेलीफोन है, लेकिन वे कह रहे हैं कि उनके पास नहीं है. मोबाइल टेलीफोन में सारे उत्तर हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं बता रहा.
गौरतलब है कि इस मुकदमा में मुख्य आरोपी संजय रॉय को CBI पहले ही अरैस्ट कर चुकी है और उसे गुनेहगार भी ठहराया गया है. उच्चतम न्यायालय इस मुकदमा की स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही है. पीड़िता के माता-पिता की तरफ से उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता करुणा नंदी पेश हो रही हैं.