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RG Kar College : जाने, क्या ममता बनर्जी के गिड़गिड़ाने से वापस काम पर लौटेंगे डॉक्टर…

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को प्रदर्शनकारी कनिष्ठ डॉक्टरों से अपना आमरण अनशन वापस लेने की अपील की और बोला कि उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए वे सोमवार को उनसे मुलाकात करेंगी. इस बीच अनशन कर रहे 6 डॉक्टरों की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.

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ममता बनर्जी शनिवार को टेलीफोन पर उस समय डॉक्टरों से बात कर रही थीं जब मुख्य सचिव मनोज पंत धर्मतला स्थित प्रदर्शन स्थल पर गए थे, जहां पर कनिष्ठ डॉक्टर सरकारी आरजी कर चिकित्सा महाविद्यालय एवं हॉस्पिटल में एक स्त्री प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार के बाद उसकी मर्डर के मुद्दे में पीड़िता को इन्साफ दिलाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं.

बनर्जी ने डॉक्टरों से अपना प्रदर्शन वापस लेने की अपील करते हुए बोला कि हर किसी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए. उन्होंने बोला कि आपकी अधिकांश मांगों को पूरा कर दिया गया है, शेष मांगों को पूरा करने के लिए मुझे 3 से 4 महीने का समय दीजिए. बनर्जी ने डॉक्टरों से बोला कि आपकी मांगों से हम असहमत नहीं हैं, वार्ता के लिए गवर्नमेंट के साथ बैठने का आपसे निवेदन है.

उन्होंने बोला कि कृपया अपना प्रदर्शन खत्म कर दीजिए. कुछ मांगों को पूरा करने के लिए नीतिगत निर्णय की आवश्यकता है. हम यथासंभव योगदान करेंगे, लेकिन यह स्वीकार्य नहीं है कि आप गवर्नमेंट को निर्देशित करें कि क्या किया जाना चाहिए.’’ पंत के साथ गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती भी थीं.

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत और गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने शनिवार को प्रदर्शन स्थल का दौरा किया, जहां आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में एक प्रशिक्षु स्त्री डॉक्टर के कथित बलात्कार और मर्डर के मुद्दे में पीड़िता को इन्साफ दिलाने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर कनिष्ठ डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं.

अनशन कर रहे 6 डॉक्टरों की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल आठ डॉक्टर अनिश्चितकालीन भूख स्ट्राइक पर हैं और उन्होंने राज्य गवर्नमेंट से गतिरोध समाप्त करने के लिए 21 अक्टूबर तक कदम उठाने की मांग की है. एक डॉक्टर ने बोला कि यदि सोमवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो उन्हें 22 अक्टूबर को पूरे राज्य में विवश होकर स्ट्राइक करनी पड़ेगी. इनपुट भाषा

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