भारत को नई ऊंचाई पर ले जा चुकी हैं रॉकेट वुमन ऑफ इंडिया, इन चीजों में भी दिया योगदान
Ritu Karidhal: भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO की साइंटिस्ट और एयरोस्पेस इंजीनियर चिकित्सक ऋतु करिधल को देशभर में ‘रॉकेट वुमन ऑफ इंडिया’ बोला जाता है। हिंदुस्तान के कई स्पेस मिशन में उन्होंने मुख्य किरदार निभाई है। 13 अप्रैल 1975 में जन्मीं ऋतु करिधल आज अपना 50वां जन्मदिन इंकार रही हैं। वह वर्ष 1997 से ही ISRO से जुड़ी हैं। चलिए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।

भारत को अंतरिक्ष तक पहुंचाया
ऋतु करिधल ने ISRO के चंद्रयान 3 मिशन में प्रमुख वैज्ञानिक के तौर पर किरदार निभाई थी। इस मिशन की कमान उन्हीं के हाथों में थी। वह वर्ष 2014 में मार्स ऑर्बिटर मिशन ( MOM Mission) की ऑपरेशन की डेप्यूटी डायरेक्टर रह चुकी हैं। हिंदुस्तान को अंतरिक्ष तक पहुंचाने में ऋतु का काफी सहयोग रहा है।
लखनऊ से की पढ़ाई
ऋतु करिधल का जन्म 13 अप्रैल वर्ष 1975 में लखनऊ में हुआ था। उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से B.SC और M.SC की पढ़ाई की, जिसके बाद उन्होंने PHD भी किया। ऋतु करिधल की बचपन से ही स्पेस में रुचि थी। इसलिए उन्होंने अपना भविष्य भी अंतरिक्ष में ही बनाया। इसके लिए उन्होंने बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान ( IISc Bengaluru) से अपनी पढ़ाई पूरी की।
कई बार हुईं सम्मानित
डॉक्टर ऋतु करिधाल को वर्ष 2007 में APJ अब्दुल कलाम से ISRO युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही उन्हें वर्ष 2024 में यूपी दिवस के मौके पर उन्हें उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से गौरव सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ऋतु करिधाल ने मंगलयान के मंगल ऑर्बिटर मिशन की कामयाबी के बारे में TEDx पर भी कहा है। उन्हें यूपी की गवर्नर आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ यूनिवर्सिटी की ओर से डॉक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया गया।
ऋतु करिधल के विचार
डॉक्टर ऋतु करिधल ने बोला कि यदि आपको सफल होना है तो इसके लिए दिन-रात मेहनत करनी होगी। जीवन में कई बार आपको इसमें काफी मुश्किल भी होगी, लेकिन कामयाबी हाथ लगते ही सारी थकान दूर हो जाती है। कई बार आपकी कामयाबी के पीछे आपकी फैमिली का सपोर्ट भी छिपा रहता है।

