मोहन भागवत के बयान पर संघ ने तोड़ी चुप्पी, कहा…
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही बीजेपी और आरएसएस के बीच खटपट की आहट सुनाई दे रही है। मोहन भागवत के ‘सच्चे सेवक’ और इंद्रेश कुमार के ‘अहंकार’ वाले बयान के बाद से ऐसा लग रहा है कि बीजेपी और आरएसएस के बीच सब ठीक नहीं चल रहा। यही वजह है कि बीजेपी और संघ के बीच रिश्तों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने खामोशी तोड़ी है। सूत्रों के मुताबिक, मोहन भागवत के बयान पर संघ ने बोला कि आरएसएस चीफ ने गवर्नमेंट या पीएम को लेकर कुछ नहीं कहा।

सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस ने शुक्रवार को बीजेपी के साथ मतभेद की अफवाहों को खारिज कर दिया। आरएसएस का बोलना है कि आरएसएस और बीजेपी के बीच कोई मतभेद नहीं। संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण को तोड़-मरोड़ को पेश किया गया। उन्होंने गवर्नमेंट या पीएम को लेकर कुछ नहीं कहा। मणिपुर को लेकर पहले भी संघ की तरफ से बयान दिए जा चुके हैं। उनका बयान बीजेपी और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को टारगेट करके नहीं था। उन्होंने बोला कि ऐसी टिप्पणियां अटकलें हैं और संदर्भ से हटकर कही गई हैं।
संघ का यह बयान इसलिए भी जरूरी है क्योंकि संघ का यह बयान इसलिए भी जरूरी है क्योंकि विपक्षी नेताओं समेत लोगों के एक वर्ग का दावा है कि भागवत की वह टिप्पणी लोकसभा चुनाव में आशा के अनुसार प्रदर्शन नहीं करने के बाद बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को एक संदेश है, जिसमें उन्होंने बोला था कि ‘सच्चा सेवक कभी अहंकारी नहीं होता। सोमवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में मोहन भागवत ने बोला था, ‘एक सच्चा ‘सेवक’ मर्यादा बनाए रखता है। वह काम करते समय मर्यादा का पालन करता है। उसे यह अहंकार नहीं होता कि वह कहे कि ‘मैंने यह काम किया’। उसे ही सच्चा ‘सेवक’ बोला जा सकता है।’
सूत्रों ने कहा, ‘2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद उन्होंने (भागवत ने) जो भाषण दिए थे और इस बार का जो भाषण है , इनमें बहुत अधिक अंतर नहीं है। किसी भी संबोधन में राष्ट्रीय चुनावों जैसी जरूरी घटना का संदर्भ होना लाजिमी है।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन इसका गलत मतलब निकाला गया और भ्रम पैदा करने के लिए इसे संदर्भ से बाहर ले जाया गया। उनकी ‘अहंकार’ वाली टिप्पणी कभी भी पीएम नरेन्द्र मोदी या बीजेपी के किसी नेता के विरुद्ध नहीं थी।’ सूत्रों ने यह भी बोला कि आरएसएस और बीजेपी सहित उसके सहयोगी संगठनों की तीन दिवसीय वार्षिक समन्वय बैठक केरल के पलक्कड़ जिले में 31 अगस्त से प्रारम्भ होगी। बैठक में बीजेपी अध्यक्ष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की आशा है।

