संजय राउत ने पीएम मोदी के दिए संबोधन पर साधा निशाना
मुंबई, 16 अगस्त ). शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी के दिए संबोधन पर शनिवार को निशाना साधा. उन्होंने पत्रकारों से वार्ता में बोला कि पीएम ने अपने संबोधन में बोला था कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा, लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि एशिया कप में हिंदुस्तान और पाक का मैच खेलना प्रस्तावित है.

संजय राउत ने कटाक्ष करते हुए बोला कि पीएम को खून और पानी की स्थान पर यह बोलना चाहिए कि खून और क्रिकेट एक साथ नहीं चलेगा. पीएम के आगे ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बैठे हुए थे और उनके बेटे आईसीसी चेयरमैन हैं. ऐसी स्थिति में पीएम को अमित शाह की ओर इशारा करते हुए यह बोलना चाहिए कि खून और क्रिकेट एक साथ नहीं चलेगा. लेकिन, अफसोस पीएम ने ऐसा अपने संबोधन में नहीं कहा.
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने बोला कि पानी तो कोई बात नहीं. उसे तो हम देख लेंगे. लेकिन, सबसे पहले पीएम को यह सुनिश्चित करना होगा कि क्रिकेट भी ऐसी स्थिति में एक साथ नहीं चल सकता है. यह बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी अपने बेटे को कहनी चाहिए.
संजय राउत ने आगे बोला कि पीएम मोदी ने 12वीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया है, लेकिन इस बार उनकी गवर्नमेंट जा रही है. अब इन्हें कोई भी पूछने वाला नहीं है. अब इस गवर्नमेंट का समय पूरी हो चुका है. 12वीं बार जिस तरह से पीएम ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया है, उससे एक बात जाहिर हो चुकी है कि अब इस गवर्नमेंट के 12 बज चुके हैं.
इसके अलावा, उन्होंने पीएम मोदी की ओर से अपने संबोधन में घुसपैठियों का जिक्र किए जाने पर बोला कि इस बात को एकदम भी खारिज नहीं किया जा सकता है कि घुसपैठिए इस राष्ट्र की सबसे बड़ी परेशानी हैं. लेकिन, यदि आज बाहरी लोग हमारे राष्ट्र में अपनी स्थान बनाने में सफल हुए हैं, तो निश्चित तौर पर इसकी उत्तरदायी केंद्र गवर्नमेंट है. केंद्र गवर्नमेंट की ढिलाई की वजह से आज की तारीख में राष्ट्र की जनसांख्यिकी बदली है. यह लोग महात्मा गांधी और नेहरू को उत्तरदायी ठहरा रहे हैं. मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर आप लोग इतने वर्षों से सत्ता में हैं, आपने अब तक क्या किया? यदि केंद्र गवर्नमेंट ने बीते दिनों ऑपरेशन सिंदूर किया था, तो वो भी आधा अधूरा ही किया था.
संजय राउत ने बोला कि गवर्नमेंट ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के युवाओं को जॉब देने की बात कही है. लेकिन, हमें अच्छे से पता है कि अब तक इस गवर्नमेंट ने कितने युवाओं को जॉब दी है. मुझे नहीं लगता है कि इस गवर्नमेंट से किसी भी प्रकार की आशा लगाना ठीक रहेगा.

