संगठित वाहन ठग गैंग ने ही उड़ाई थी स्कॉर्पियो, अब सामने आया मामला
करधनी थाना क्षेत्र में स्कॉर्पियो चोरी के एक मुद्दे ने बड़ा मोड़ ले लिया, जब पुलिस जांच में यह मुद्दा एक संगठित वाहन ठग गैंग से जुड़ा निकला. जयपुर पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अमित कुमार (IPS) ने कहा कि परिवादी राजेन्द्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका जानकार रवि गुर्जर 9 मार्च 2025 को उसकी स्कॉर्पियो कार लेकर गया था, लेकिन कार वापस नहीं लौटाई गई. जब जीपीएस ट्रैक किया गया तो वह भी बंद मिला.
प्राथमिकी क्रमांक 331/2025 को धारा 318(4) और 316(2) बीएस एक्ट 2023 के अनुसार दर्ज कर मुद्दे की जांच प्रारम्भ की गई. जांच में सामने आया कि मोहित सोनी नामक पुरुष ने स्कॉर्पियो और एक अन्य थार गाड़ी को फर्जी आईडी पर मनीष यादव को रेंट पर दी थी. मनीष गाड़ियां लेकर फरार हो गया और उसका टेलीफोन भी बंद पाया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक सिंघल के सुपरविजन और सुरेंद्र सिंह राणावत के निर्देशन में एक विशेष टीम बनाई गई. DST (पश्चिम) प्रभारी गणेश सैनी के नेतृत्व और तकनीकी शाखा के योगदान से गठित टीम ने आसूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिये कार्रवाई करते हुए कुल 5 आरोपियों को दस्तयाब कर अरैस्ट किया.
गिरफ्तार आरोपी : मनीष यादव पुत्र राजेश यादव, रामलाल पुत्र मग्गाराम, अंशु सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह, कर्मवीर सिंह उर्फ मौनू बन्ना पुत्र महिपाल सिंह, विजय कुमार पुत्र सुजाराम
इनके कब्जे से एक थार और एक स्कॉर्पियो बरामद की गई है. पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों, नेटवर्क और गाड़ियों की बिक्री से जुड़े पहलुओं की जांच में जुटी है.


