राष्ट्रीय

Shashi Tharoor ने जॉर्ज सोरोस से अपने रिश्ते पर खुलकर की बात

शशि थरूर ने अमेरिकी निवेशक जॉर्ज सोरोस के साथ किसी भी तरह के वित्तीय या सियासी संबंधों से इनकार किया है. 15 वर्ष पहले की एक पोस्ट फिर से सामने आई है, जिसमें कांग्रेस पार्टी सांसद ने सोरोस को अपना “पुराना दोस्त” कहा था. एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दिए गए एक बयान में थरूर ने सोरोस के साथ अपने संबंधों को पूरी तरह से सामाजिक कहा और एक पुराने ट्वीट के बारे में बहस को “बेतुका” और “अस्वस्थ जिज्ञासा” का रिज़ल्ट बताया. 2009 का ट्वीट हाल ही में फिर से सामने आया, जिससे थरूर की सोरोस के बारे में पिछली टिप्पणियों पर प्रश्न उठने लगे. ट्वीट में थरूर ने सोरोस को अपना “मित्र” कहा था और उनकी प्रशंसा करते हुए बोला था कि वे “भारत के बारे में उत्साहित और उसके पड़ोस के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं.

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एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में थरूर ने 15 वर्ष पुराने ट्वीट को लेकर टकराव को “बेतुका” और “अस्वस्थ जिज्ञासा” का रिज़ल्ट बताया. तिरुवनंतपुरम के सांसद और पूर्व संयुक्त देश राजनयिक ने सोरोस के साथ अपने संबंधों को पूरी तरह से सामाजिक बताया. थरूर ने रविवार को लिखा वैसे इस ट्वीट के बारे में इतनी अस्वस्थ जिज्ञासा है, इसलिए मैं अपने संयुक्त देश के दिनों में न्यूयॉर्क के एक निष्ठावान अंतर्राष्ट्रीय सोच वाले निवासी के रूप में श्री सोरोस को अच्छी तरह से जानता था. वे सामाजिक अर्थ में मित्र थे: मैंने कभी भी उनसे या उनके किसी फाउंडेशन से अपने लिए या किसी संस्था या उद्देश्य के लिए एक पैसा नहीं लिया या मांगा नहीं. उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं पर हिंदुस्तान को अस्थिर करने के लिए सोरोस के साथ मिलीभगत करने का इल्जाम लगाया है. कांग्रेस पार्टी ने इस इल्जाम को निराधार बताते हुए इसका खंडन किया है.
थरूर ने साफ किया कि दोनों के बीच बहुत सीमित वार्ता हुई है और उन्होंने ट्वीट के बाद से सोरोस से सिर्फ़ एक बार मुलाकात की है – हरदीप सिंह पुरी द्वारा आयोजित रात्रिभोज में, जो उस समय संयुक्त देश में हिंदुस्तान के राजदूत थे और अब बीजेपी के मंत्री हैं. उन्होंने कहा, “अंब पुरी ने कई प्रमुख अमेरिकियों को मेरे साथ रात्रिभोज पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया था (और यह पूरी तरह से उचित था). मैं तब से श्री सोरोस के संपर्क में नहीं हूं.
कांग्रेस नेता ने 15 वर्ष पुराने “बेकार ट्वीट” को सनसनीखेज बनाने के लिए आलोचकों पर पलटवार किया और कहानी को आगे बढ़ाने वाली “ट्रोल फैक्ट्री” का मजाक उड़ाया. थरूर ने बोला मुझे आशा है कि यह उन लोगों के लिए मुद्दा साफ करेगा जो पंद्रह वर्ष पुराने बेकार ट्वीट को लेकर बेतुका इल्जाम लगाने के लिए इतने गुमराह हैं. लेकिन ट्रोल फैक्ट्री कैसे काम करती है, यह जानते हुए मुझे कोई शक नहीं है कि ऐसा नहीं होगा!
पिछले हफ़्ते संसद में सोरोस को लेकर टकराव तब प्रारम्भ हुआ जब बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर अरबपति निवेशक के साथ गठबंधन करने का इल्जाम लगाया, जिस पर उनका इल्जाम है कि वह हिंदुस्तान की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने की प्रयास कर रहा है. उन्होंने यह भी इल्जाम लगाया कि पुरानी पार्टी अपने सियासी अभियानों के लिए सोरोस के वित्तीय समर्थन का इस्तेमाल कर रही है.
कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों का मज़ाक उड़ाया है और इसे अडानी घूस टकराव से ध्यान हटाने की चाल कहा है. इस विवाद ने संसदीय कार्यवाही को ठप कर दिया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर राष्ट्रीय हितों के साथ विश्वासघात करने का इल्जाम लगा रहे हैं. सोरोस ने पहले भी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली गवर्नमेंट के बारे में अपनी आलोचनात्मक टिप्पणियों के लिए सत्तारूढ़ पार्टी की नाराज़गी को आकर्षित किया था.

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