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विधानसभा में शेरगढ़ विधायक ने रखी अनोखी डिमांड

जोधपुर न्यूज़ डेस्क !!! विधानसभा में आर्थिक सहायता मांग पर पशुपालन पर चर्चा में भाग लेते हुए विधायक बाबूसिंह राठौड़ ने सदन में पशुपालन और गौवंश को बढ़ावा देने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई हैउन्होंने बोला कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की जरूरी किरदार है. बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान, खेतिहर मजदूर और ग्रामीण गरीब फायदेमंद रोजगार के लिए पशुधन पर निर्भर हैं. साल 2019 की पशुधन गणना के मुताबिक राज्य में 5 करोड़ 66 लाख पशुधन और 1 करोड़ 46 लाख मुर्गीपालन है.राज्य का एक बड़ा हिस्सा रेगिस्तानी और आदिवासी बहुल पहाड़ी क्षेत्र है. हमारा राजस्थान अपने देशी पशुधन, नागौरी बैल, गिर, राठी, थारपकड़ पाकड़ और कांकरेज गायों, मालानी घोड़ों, बीकानेरी और जैसलमेर ऊंटों, जखराना सिरोही और मारवाड़ी बकरियों और चोखला, मारवाड़ी नाली और पूगल भेड़ों के लिए मशहूर है | फिलहाल गायों को पशु शिविर में ले जाया जा रहा है इसके साथ ही बकरी, भेड़, ऊँट और अन्य घरेलू पशुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.

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ऊँट को रेगिस्तान का जहाज बोला जाता है क्योंकि ऊँट परिवार का दूध शरीर को शक्तिशाली बनाता है. अब इस बात पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है कि वास्तव में ओश्ट्रा परिवार का दूध दिल बीमारी के मरीजों के लिए बहुत उपयोगी हो रहा है. उसकी सुरक्षा की जानी चाहिए ऊँटों की स्मग्लिंग हो रही है पांच सितारा होटलों में कसाईखाने में इसका मांस काटा जाता है, जिसे बंद करने की आवश्यकता है. गायों की नस्ल सुधार के लिए भ्रूण ट्रांसफर तकनीक पर आधारित देशी नस्ल प्रजनन तकनीक पर योजना संचालित की जाए.

इस दौरान सेखाला में पशुपालकों के लिए आवासीय विद्यालय स्वीकृत करने, चाबा, तेना, सुवालिया, धीरपुरा, बेलवा खत्रियान, कनोडिया पुरोहितान, देवातु और लोदता हरिदासोटा को पशु उपकेंद्र से पशु अस्पताल में क्रमोन्नत करने, उपनिदेशक कार्यालय को क्रमोन्नत करने की मांग की पशुपालन विभाग को प्रथम श्रेणी पशु अस्पताल में क्रमोन्नत करना, प्रथम श्रेणी पशु अस्पताल बालेसर, शेरगढ़, आगोलाई, नाथड़ाऊ एवं सेखाला के जर्जर भवनों की मरम्मत कराना, पशुपालन विभाग के पुराने भवनों का सर्वेक्षण कर मरम्मत कार्य कराना. पशु डॉक्टरों के रिक्त पदों को उपयुक्त संस्था द्वारा भरने के लिए बालेसर में पशु अस्पताल परिसर में पशुधन सहायक प्रशिक्षण महाविद्यालय की स्थापना सहित कई मांगें उठाई गई.

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