राष्ट्रीय

शिल्पी सोनी ने पीएम मोदी के एक्स ‘हैंडल’ को किया ऑपरेट

 

नई दिल्ली . अंतर्राष्ट्रीय स्त्री दिवस के अवसर पर फ्रंटियर मार्केट्स की संस्थापक और सीईओ अजयता शाह, ‘परमाणु प्रौद्योगिकी से जुड़ीं एलीना मिश्रा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़ी शिल्पी सोनी ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के एक्स ‘हैंडल’ को ऑपरेट किया और इस प्लेटफॉर्म पर अपनी स्टोरी शेयर की.Download 11zon 2025 03 08t121843. 985

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फ्रंटियर मार्केट्स की संस्थापक और सीईओ अजयता शाह ने स्त्री दिवस पर पीएम मोदी के सोशल मीडिया हैंडल को संभालने पर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने पीएम के एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा, “एक मामला जो मेरे दिल के करीब रहा, वह था ग्रामीण इलाकों में स्त्रियों के सामने आने वाली चुनौतियां. ये चुनौतियां वित्तीय, बुनियादी ढांचे तक पहुंच और बहुत कुछ हो सकती हैं. इसलिए, मैंने पिछले दो दशक इसे कम करने में बिताए हैं. और, मुझे गर्व है कि न सिर्फ़ मैं परिवर्तन लाने में सक्षम रही हूं, बल्कि मैं कई और स्त्रियों को भी इस अवसर पर आगे बढ़ते और ऐसा करते हुए देख रही हूं.

उन्होंने कहा कि 2011 में उन्होंने फ्रंटियर मार्केट्स की स्थापना इस विश्वास के साथ की थी कि यदि ग्रामीण स्त्रियों को समर्थन मिले तो कोई भी ताकत उन्हें कुछ भी हासिल करने से नहीं रोक पाएगी. उन्होंने कहा, “हमारे संयुक्त प्रयासों ने हजारों स्त्रियों का एक ताकतवर नेटवर्क सुनिश्चित किया है जो आत्मनिर्भर बन रही हैं और अन्य स्त्रियों को आजीविका दे रही हैं. हमारा बल हमेशा स्त्रियों के कौशल और वित्तीय समावेशन को सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने पर रहा है. आप सभी को यह देखकर आश्चर्य होगा कि हिंदुस्तान की महिलाएं किस सरलता से प्रौद्योगिकी को अपना रही हैं.

अजयता ने कहा कि ‘मेरी सहेली ऐप’ ग्रामीण स्त्रियों को उद्यमी बनने में सहायता करने के लिए तकनीक और एआई का इस्तेमाल करने में सहायता कर रही है. उन्होंने सभी स्त्रियों से आग्रह किया कि वे हिंदुस्तान की कहानी का हिस्सा बनें. उन्होंने कहा, “बहुत सी स्त्रियों ने दिखाया है कि बाधाओं को कैसे तोड़ा जाए और यह कैसे हासिल किया जाए. मेरा अपना अनुभव कहता है कि आकाश ही सीमा है. आत्मनिर्भर बनें और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर जीवन दें.

परमाणु प्रौद्योगिकी से जुड़ी एलीना मिश्रा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़ी शिल्पी सोनी ने भी अपने बारे में जानकारी दी. एलीना मिश्रा, एक परमाणु वैज्ञानिक और शिल्पी सोनी, एक अंतरिक्ष वैज्ञानिक हैं. परमाणु प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र हिंदुस्तान में स्त्रियों के लिए इतने सारे अवसर देखना एक समय बहुत कठिन था. इसी तरह, अंतरिक्ष की दुनिया में स्त्रियों और प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी हिंदुस्तान की प्रगति में सहयोग दे रही है.

पीएम मोदी के ‘एक्स’ हैंडल पर एलीना मिश्रा ने अपनी कहानी शेयर करते हुए बोला कि मैं भुवनेश्वर से हूं. मैं एक ऐसे परिवार से हूं जिसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि बहुत अच्छी है और इसलिए उन्हें विज्ञान में रुचि विकसित करने और सीखने में सहायता मिली. मेरे पिता मेरे प्रेरणास्रोत हैं और जिन्हें मैंने अपने अध्ययन के लिए अथक परिश्रम करते देखा है. वैज्ञानिक क्षेत्र में काम करने का मेरा सपना तब पूरा हुआ जब मेरा चयन भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई में हुआ. मैं भाग्यशाली थी कि मुझे विद्युत चुंबकत्व, त्वरक भौतिकी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करने वाले एक समूह से जुड़ने का मौका मिला. मैं लो एनर्जी हाई इंटेंसिटी प्रोटॉन एक्सेलेरेटर (एलईएचआईपीए) के लिए ड्रिफ्ट ट्यूब लिनैक कैविटी के चुंबकीय और आरएफ (रेडियो फ्रीक्वेंसी) लक्षण के वर्णन के विकास से जुड़ी थी. यह वास्तव में बहुत गर्व और संतोष का क्षण था जब 20 एमईवी प्रोटॉन बीम को सफलतापूर्वक त्वरित (एक्सेलेरेट) किया गया.

एलीना परमाणु प्रौद्योगिकी को जीवन को बेहतर बनाने में इस्तेमाल करने पर काम कर रही हैं और उन्होंने इस पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल निदान और इमेजिंग सुविधाएं कम संख्या में हैं. इसके लिए कम लागत वाली, कॉम्पैक्ट, पोर्टेबल, क्रायो-फ्री, हल्के वजन वाली प्रणाली के लिए एक नया निवारण तैयार किया गया है जिसे सरलता से दूरदराज के इलाकों में ले जाया जा सकता है.

आगे अपनी कहानी शेयर करते हुए शिल्पी सोनी ने कहा, “मैं मध्य प्रदेश के सागर से हूं. मैं एक बहुत ही साधारण पृष्ठभूमि से हूं, लेकिन मेरा परिवार हमेशा से ही सीखने, नवाचार और संस्कृति के प्रति जुनूनी रहा है. डीआरडीओ में काम करने के बाद, इसरो के साथ काम करना मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा था, जहां मैंने पिछले 24 सालों में इसरो के 35 से अधिक संचार और नेविगेशन मिशन के लिए अत्याधुनिक आरएफ और माइक्रोवेव सबसिस्टम तकनीकों के डिजाइन, विकास और प्रेरण में सहयोग दिया है. इसरो के बारे में मुझे जो बात पसंद है, वह यह है कि इसमें कोई बाधा नहीं है और यह सभी के लिए अपार अवसर प्रदान करता है.

उन्होंने बोला कि यह पूरी तरह से हम पर निर्भर करता है कि हम इन अवसरों को अवसरों में कैसे बदलते हैं, अपने पंख कैसे फैलाते हैं और ऊंची उड़ान कैसे भरते हैं. हमारी कुछ सामूहिक सफलताएं मुझे गौरवान्वित करती हैं. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में हिंदुस्तान बड़ी छलांग लगा चुका है जिसमें अपनी टीम के लिए वह लगातार गौरतलब सहयोग दे रही हैं.

पीएम मोदी ने स्त्री दिवस पर एलीना और शिल्पी के सहयोग की सराहना की. उन्होंने कहा, “विज्ञान और प्रौद्योगिकी की अनंत दुनिया बहुत ही रोमांचक और संतुष्टिदायक है. जब हमारे द्वारा डिजाइन और विकसित की गई प्रणालियां काम में आती हैं, तो हमें जो खुशी मिलती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. हिंदुस्तान के परमाणु और अंतरिक्ष कार्यक्रम में हमारे जैसे कई वैज्ञानिक हैं, जिनका हम सम्मान करते हैं.

 

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