शिवपाल यादव ने बीजेपी पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा…
दरअसल मंगलवार को कार्यवाही के दौरान भारी विरोध के बाद दोपहर 12:30 बजे सदन की बैठक प्रारम्भ हुई. इस दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सुझाव दिया कि फ्लोर लैंग्वेज के रूप में अंग्रेजी की बजाय उर्दू को अपनाया जाए, क्योंकि अंग्रेजी की कोई आवश्यकता नहीं है और उर्दू हमारी दूसरी भाषा है. इस पर मुख्यमंत्री योगी ने हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं का मामला उठाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा. मुख्यमंत्री ने बोला कि विपक्ष हर अच्छे कोशिश का विरोध करता है. ये वही लोग हैं जो उर्दू का समर्थन करते हैं, लेकिन भोजपुरी और अवधी जैसी भाषाओं का विरोध करते हैं.
योगी के इसी वक्तव्य पर शिवपाल यादव ने निशाना साधते हुए बोला कि भाजपा जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है. उन्होंने प्रश्न उठाया कि गवर्नमेंट ने महाकुंभ के दौरान गंगा की सफाई के लिए क्या ठोस कदम उठाए. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बोला कि प्रयागराज के संगम का पानी नहाने योग्य नहीं है और इसमें फेकल कोलीफॉर्म की मात्रा अधिक पाई गई है. यह साफ करता है कि गंगा मैली हो चुकी है और उसका पानी आचमन लायक भी नहीं बचा है.
शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए बोला कि गवर्नमेंट अब तक गंगा को साफ करने में असफल रही है, लेकिन भाजपा नेता सिर्फ़ सांप्रदायिक मुद्दों को हवा देने में लगे रहते हैं. उन्होंने बोला कि भाजपा के लोग सिर्फ़ इसी प्रकार की बातें करेंगे और जनता को गुमराह करने की प्रयास करेंगे. उन्होंने इल्जाम लगाया कि गवर्नमेंट आस्था और प्रबंध के बीच संतुलन स्थापित करने में पूरी तरह असफल रही है. इसी वजह से गंगा सफाई का वादा भी अब तक अधूरा है और जनता के साथ विश्वासघात हुआ है.


