सीकर खदान हादसा: मलबे से निकाले गए शव, बारिश में काम को लेकर कर्मचारियों और प्रशासन में टकराव
जिले के नीमकाथाना उपखंड के पाटन क्षेत्र में मंगलवार शाम भूस्खलन के कारण बड़ा दुर्घटना हो गया. यहां डोकन गांव स्थित कृष्ण माइंस में पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक से भरभराकर नीचे गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे दो श्रमिकों की मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया.

घटना के समय खदान में छह मजदूर काम कर रहे थे. मलबे में दबकर नीमकाथाना निवासी लक्ष्मण सिंह राजपूत और उत्तरप्रदेश के बिजनौर निवासी सुरेंद्र हरिजन की मृत्यु हो गई. बिहार निवासी नीतीश यादव गंभीर रूप से घायल हो गया है और नीमकाथाना हॉस्पिटल में उसका उपचार चल रहा है. हादसे में एक पोकलेन मशीन और एक डंपर भी दब गए.
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. शुरुआती रेस्क्यू में घायल नीतीश और मृतक लक्ष्मण को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन पोकलेन मशीन चला रहा सुरेंद्र भारी मलबे के नीचे दबा रह गया. करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद देर रात सुरेंद्र को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी.
हादसे के बाद क्षेत्रीय लोगों ने खदान संचालकों पर गंभीर इल्जाम लगाए हैं. उनका बोलना है कि लगातार बारिश के बावजूद खदान में काम जारी रखा गया, जबकि यह करीब 200 फीट गहरी हो चुकी है और यहां हमेशा खतरे का अंदेशा बना रहता है. ग्रामीणों का बोलना है कि पहले भी यहां छोटे भूस्खलन हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए काम जारी रहा.
प्रशासन ने हादसे की जांच का आश्वासन दिया है. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है.

