सोनिया, प्रियंका और राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली, 27 दिसंबर. कांग्रेस पार्टी नेता सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को पूर्व पीएम और प्रख्यात अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह के आवास पर जाकर उनके पार्थिव शरीर के दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की.

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर बोला कि देश के प्रति उनकी विशिष्ट सेवा और असाधारण सहयोग को हमेशा याद किया जाएगा.
इससे पहले कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी ने पूर्व पीएम के साथ बिताए पलों को याद किया था. उन्होंने एक्स पर बोला था कि मनमोहन सिंह जी ने असीम बुद्धिमत्ता और निष्ठा के साथ हिंदुस्तान का नेतृत्व किया. उनकी विनम्रता और अर्थशास्त्र की गहरी समझ ने राष्ट्र को प्रेरित किया. मैं उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं. मैंने एक गुरु और मार्गदर्शक खो दिया है. हममें से लाखों लोग जो उनके प्रशंसक थे, उन्हें अत्यंत गर्व के साथ याद करेंगे.
प्रियंका गांधी ने भी एक्स पर पोस्ट कर डाक्टर मनमोहन सिंह को याद किया था. उन्होंने अपने पोस्ट में बोला था कि डाक्टर मनमोहन सिंह जी जैसा सम्मान, कम ही लोगों को मिल पाता है. उनकी ईमानदारी हमारे लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी और वह हमेशा उन लोगों के बीच खड़े रहेंगे जो वास्तव में इस राष्ट्र से प्यार करते हैं, एक ऐसे आदमी के रूप में जो अपने विरोधियों द्वारा अनुचित और गहरे पर्सनल हमलों के बावजूद राष्ट्र की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ रहे. वह अंत तक वास्तव में समतावादी, बुद्धिमान, दृढ़ इच्छाशक्ति वाले और साहसी थे. राजनीति की मुश्किल दुनिया में एक अद्वितीय प्रतिष्ठित और सज्जन आदमी रहे.
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का गुरुवार को 92 वर्ष की उम्र में एम्स में मृत्यु हो गया. अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद गुरुवार शाम उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.
एम्स ने एक आधिकारिक बयान में कहा था कि उन्हें शाम 8.06 पर एम्स के मेडिकल आपातकालीन में भर्ती कराया गया था. इससे पहले उम्र से संबंधित रोंगों के लिए उनका इलाज चल रहा था और घर पर वह अचानक बेहोश हो गए थे. उन्होंने गुरुवार रात 9.51 बजे आखिरी सांस ली.
मनमोहन सिंह वर्ष 2004 से 2014 तक दो बार पीएम रहे थे. उनकी गिनती राष्ट्र के बड़े अर्थशास्त्रियों में भी होती थी.

