उपराष्ट्रपति पद के लिए इन नामों को लेकर जारी हैं अटकलें, जल्द होगा नाम का ऐलान…
उपराष्ट्रपति पद खाली हुआ तो तरह के विमर्श प्रारम्भ हुए। दोनों के उत्तर अभी तक सामने नहीं आए। मगर अब लग रहा है दोनों विमर्शों का पटाक्षेप होने वाला है। एक तो जगदीप धनकड़ कहां है किसी को पता नहीं चल पा रहा। दूसरा यह कि अगला राष्ट्रपति कौन होगा यह भी कंफर्म नहीं हो पाया। इन सबके बीच अब रविवार 17 अगस्त को भाजपा ने संसदीय बोर्ड की जरूरी बैठक बुलाई है। इस बैठक में एनडीए के उम्मीदवार के नाम पर चर्चा होगी और आसार है कि आखिरी निर्णय इसी बैठक में हो जाएगा। बैठक शाम 6 बजे दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। नाम का घोषणा भी हो जाएगा।

बीजेपी मुख्यालय में होगी बैठक
असल में रिपोर्ट्स के अनुसार एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नाम 17 अगस्त की बैठक में तय किया जाएगा। पार्टी की ओर से 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करने की तैयारी है। इस दौरान भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के सभी सीएम और उपमुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे। इसे एनडीए अपने एकता प्रदर्शन के रूप में भी देख रहा है।
अंतिम फैसला प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और जेपी नड्डा लेंगे
बीजेपी संसदीय बोर्ड की इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही साफ कर चुके हैं कि उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर आखिरी फैसला प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और जेपी नड्डा लेंगे। एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों के प्रतिनिधि भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे।
21 अगस्त- नामांकन दाखिल करने की तारीख
उधर चुनाव आयोग ने 7 अगस्त को उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की अधिसूचना जारी कर दी थी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है और 22 अगस्त को नामांकन की जांच होगी। उम्मीदवार 25 अगस्त तक नाम वापस ले सकते हैं। मतदान और मतगणना 9 सितंबर को होगी। एनडीए ने नामांकन दाखिल करने की तारीख के लिए 21 अगस्त तय की है।
सबसे प्रबल दावेदार के रूप में नया नाम
इस पद के लिए कई नामों पर चर्चा हो रही है। लेकिन फिलहाल सबसे प्रबल दावेदार के रूप में नया नाम सामने आया है। कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत सबसे आगे माने जा रहे हैं। 77 वर्ष के गहलोत राज्यसभा में सदन के नेता भी रहे हैं और केंद्र गवर्नमेंट में मंत्री भी रह चुके हैं। वे भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं और दलित समुदाय से आने के कारण जातीय समीकरण में भी फिट बैठते हैं। वो फिलहाल कर्नाटक के गवर्नर हैं।
हालांकि अन्य नाम भी चर्चा में हैं। लेकिन संसदीय दल की बैठक के बाद पूरी तस्वीर साफ होने वाली है। जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात उपराष्ट्रपति पद से त्याग-पत्र दे दिया था। उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था लेकिन अचानक इस्तीफे से सियासी हलचल बढ़ गई। अब भाजपा और एनडीए की निगाहें रविवार की बैठक पर टिकी हैं। जिसमें अगले उपराष्ट्रपति के नाम पर आखिरी मुहर लग सकती है।

