श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज चंडीगढ़ ने रिमोन को किया सम्मानित
चंडीगढ़. इंसान जब ठान ले तो हर शिखर उसके कदम चूमता है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है रिमोन ने, जो न सिर्फ़ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बॉडीबिल्डर हैं, बल्कि एक मेधावी विद्यार्थी और कॉरपोरेट जगत में भी अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. इसी बहुआयामी प्रतिभा के लिए श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज, सेक्टर 26, चंडीगढ़ ने रिमोन को सम्मानित किया.

भूटान में आयोजित साउथ एशियन बॉडीबिल्डिंग और फिजिकल स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर राष्ट्र और कॉलेज का नाम रोशन करने वाले रिमोन का कॉलेज परिसर में गर्मजोशी से अभिनंदन हुआ. इस विशेष कार्यक्रम में कॉलेज के प्रिंसिपल डाक्टर जसविंदर सिंह, प्रो. कुलबीर सिंह, डाक्टर जगतार सिंह, डाक्टर जगदीप सिंह और डाक्टर तरनजीत कौर मौजूद रहे. इस गौरवपूर्ण अवसर पर रिमोन के पिता और बहन भी उपस्थित थे, जिनके चेहरे पर बेटे की उपलब्धियों पर गर्व साफ झलक रहा था.
समारोह को संबोधित करते हुए प्रिंसिपल डाक्टर जसविंदर सिंह ने कहा, “रिमोन की उपलब्धि केवल एक पदक नहीं है, यह एक संदेश है – मेहनत, लगन और अटूट सरेंडर का. ऐसे युवाओं को सम्मानित करना न सिर्फ़ उनका आत्मशक्ति बढ़ाता है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत भी बनता है.” उन्होंने बोला कि खेल के साथ शिक्षा में उत्कृष्टता हासिल करना असाधारण है और रिमोन इस असाधारणता का जीवंत उदाहरण हैं.
वास्तव में रिमोन की उपलब्धियाँ खेल के मैदान तक सीमित नहीं हैं. उन्होंने PEC चंडीगढ़ से बी.टेक की डिग्री हासिल की और CAT जैसी मुश्किल प्रतियोगी परीक्षा में 95 परसेंटाइल हासिल कर IIT दिल्ली से MBA किया. उनकी इस शैक्षणिक यात्रा ने उन्हें दुनिया की जानी-मानी कंपनी व्हर्लपूल के ‘यंग लीडर्स प्रोग्राम’ में जगह दिलाया. वर्तमान में वे गुड़गांव स्थित कॉरपोरेट मुख्यालय में ग्लोबल स्ट्रेटेजिक सोर्सिंग विभाग में कार्यरत हैं.
कॉलेज प्रबंधन ने रिमोन की इस बहुआयामी कामयाबी की खुले दिल से सराहना की. डाक्टर जसविंदर सिंह ने कहा, “यह गर्व की बात है कि हमारे कॉलेज के विद्यार्थी न सिर्फ़ खेल और शिक्षा में बल्कि कॉरपोरेट दुनिया में भी नाम कमा रहे हैं. रिमोन जैसे युवा नई पीढ़ी के लिए आदर्श हैं, जो उन्हें सपने देखने और उन्हें साकार करने की हौसला देते हैं.”
कार्यक्रम के अंत में कॉलेज की ओर से रिमोन को सम्मान-पत्र भेंट कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के चेहरे पर भी गर्व और प्रेरणा की झलक थी.
रिमोन का यह यात्रा दिखाता है कि एक आदमी यदि चाहे तो पुस्तकों की दुनिया और जिम के भारी वजन – दोनों को एक साथ साध सकता है. खेल का मैदान हो या कॉरपोरेट की मीटिंग रूम – मेहनत का फल हर स्थान मीठा होता है.

