सामने आया यौन शोषण का अजीब मामला, जानें पूरा किस्सा…
नई दिल्ली: सरकारें भिन्न-भिन्न समस्याओं के निवारण के लिए हेल्प लाइन नंबर प्रारम्भ करती हैं। मकसद होता है कि लोगों को घर बैठे सहायता मिले। इन हेल्प लाइन नंबर्स पर कभी लोग मौसम की जानकारी पूछते हैं तो कभी कोई ट्रैफिक का हाल जानते हैं। हेल्प लाइन सेंटर पर भिन्न-भिन्न तरह की कहानियां आती रहती हैं। तमिलनाडु में भी शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों की समस्याओं को सुनने के लिए एक हेल्प लाइन नंबर की आरंभ की। करीब 2 महीने पहले प्रारम्भ हुए 24/7 हेल्पलाइन सेंटर ‘14417’ पर स्टूडेंट्स के हर तरह के प्रश्न आते हैं। कोई मौसम की जानकारी लेता है तो कोई लड़की अपने साथ हुई ज्यादती की दास्तां सुनाती है।

शिक्षा विभाग के इस हेल्प लाइन नंबर एक बार इसी तरह का गंभीर टेलीफोन आया। टेलीफोन पर एक लड़की ने अपने साथ हुई हवस की कहानी जब सुनाई तो काउंसलर भी चौंक गई। काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट सलमा के मुताबिक, उन्हें एक लड़की का टेलीफोन आया था। उस लड़की ने टेलीफोन पर जब कहा कि उसके पड़ोसी ने उसका बलात्कार किया तो उनके पैर तले जमीन खिसक गई। उन्हें यकी नहीं हो रहा था कि हेल्प लाइन नंबर पर इस तरह की परेशानी भी आ सकती है। उस लड़की के घर वाले बदनामी के डर से मुद्दे को दबाने की प्रयास में थे। इस वजह से लड़की ने उस हेल्प लाइन नंबर पर कॉल किया था।
उस कॉल को याद कर साइकोलॉजिस्ट सलमा ने कहा, ‘तमिलनाडु के एक छोटे से गांव की स्कूली छात्रा ने टेलीफोन किया और मुझे कहा कि उसके पड़ोसी ने उसके साथ बलात्कार किया है। उसने अपने माता-पिता को इसके बारे में बताया। इसके बाद जब बच्ची को लेकर माता-पिता पड़ोसी के घर गए तो आरोपी की पत्नी उनसे भिड़ गई। पीड़ित बच्ची और उसके माता-पिता से हवसी की पत्नी ने बोला कि लड़की को स्वयं को लकी समझना चाहिए कि उसका बलात्कार हुआ है। परिवार को लगा कि कम्पलेन करने से बदनामी होगी और उन्होंने इस तरह मुद्दे को दबाने की प्रयास की। यही वजह थी कि वह लड़की हेल्प लाइन नंबर के जरिए हम तक पहुंची थी।’
दरअसल, पीड़ित बच्ची ने नुंगमबक्कम स्थित कॉल सेंटर पर यह टेलीफोन किया था। इस कॉल सेंटर पर प्रतिदिन कम से कम 500-600 और हर महीने 5,000 से ज़्यादा कॉल आते हैं। जब गवर्नमेंट कोई नयी स्कीम की घोषणा करती है तो कॉल की संख्या और बढ़ जाती है। यह सेंटर अब तक तमिलनाडु में एक लाख से अधिक स्टूडेंट्स की सहायता कर चुका है। इस हेल्प लाइन सेंटर पर ट्रेनिंग हर तरह के कॉल से निपटने के लिए होती है। यहां बच्चे हाथापाई से लेकर यौन उत्पीड़न तक की परेशानियां शेयर करते हैं

